पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मुक्त हाथों से दीक्षार्थी बबीता ने लुटाई वस्तुएं

मुक्त हाथों से दीक्षार्थी बबीता ने लुटाई वस्तुएं

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रविवारका दिन सुनेल के लिए ऐतिहासिक रहा। हरेक की जुबां पर एक ही नाम था बबीता। दीक्षा लेकर संयम तप की दुनिया में कदम रखने वाली सुनेल की इस बेटी के साहस की प्रशंसा करते कोई नहीं थक रहा था। कस्बे की कुमारी बबीता बाफना सांसारिक मोह-माया छोड़कर आगामी 15 फरवरी को संयम का धारण करेंगी। इस मौके पर कस्बे में बबीता का भव्य वर्षीदान वरघोड़ा परमात्मा की यात्रा निकाली गई। इसमें लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। हर तरफ भगवान दीक्षार्थी बबीता के जयकारे गूंज उठे।

श्री श्वेतांबर जैन श्रीसंघ बाफना परिवार के तत्वावधान में दीक्षार्थी बबीता बाफना का वर्षीदान वरघोड़ा जुलूस सुबह 10 बजे बैंड-बाजों आधा दर्जन से अधिक ढोल के साथ बाफना निवास से शुरू हुआ। जैसे ही वे गजराज पर सवार हुई तो लोग जयकारे लगाकर उनके आगामी संन्यासी जीवन की मंगल कामना कर रहे थे।

यात्रा छत्री चौक, लंकापति हनुमान मंदिर, पिड़ावा रोड, राममंदिर चौक, शिवमंदिर चौक, सलोतिया रोड होती हुई बस स्टैंड पहुंची। दीक्षार्थी बबीता बाफना सज धजकर माता-पिता इंद्रमल बाफना निर्मला के साथ गजराज पर बैठी हुई थी। वे भाव विभोर होकर मुक्त हाथों से सांसारिक वस्तुओं का वर्षीदान कर रही थी। जिसे झोली फैलाकर हर कोई लेने के लिए आतुर दिखाई दिया। ऐसी मान्यता है कि दीक्षार्थी के हाथों से लुटाई गई वस्तुएं काफी शुभ होती हैं। इससे वस्तुओं को लेने के लिए होड़ मची रही। इस विशाल जुलूस में सबसे आगे 5 घोड़ों पर सवार जैन समाज के लोग धर्म पताकाएं लेकर जुलूस का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। दीक्षार्थी के दादा-दादी एक रथ में सवार थे। जिनका भी जगह-जगह स्वागत किया गया।

जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया वैसे-वैसे लोगों के कदम भी आगे बढ़ते गए कार्यकर्ता हाथी के आसपास घेरा बनाते चल रहे थे। जैन समाज के लोग जयकारे लगाते चल रहे थे। वर्षीदान यात्रा के मौके पर लोगों ने छत्री चौक, अस्पताल के सामने स्टाल लगाए। जिसमें लोगों को पानी, चाय दूध की व्यवस्था की गई। इसमें जैन समाज सहित अन्य धर्मों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। करीब पांच हजार से अधिक लोगों कार्यक्रम में पहुंचे।

यहां-यहां के लोग पहुंचे

वर्षीदानयात्रा में सुनेल के आसपास के अलावा दूर-दूराज से जैन समाज के लोग भाग लेने पहुंचे। इसमें भवानीमंडी, झालावाड़, पाटन, कोटा ,मेधनगर, उज्जैन, इंदौर, सांरगपुर, नलखेड़ा, आगर ,शाजापुर, सोयत, खानपुर, मनोहथाना, इक लेरा ,बारां, बूंदी , कोटडी, आवर, ढालाखींची ,सिरपोई आदि स्थानों से जैन समाज के लोग पहुंचे।

इंदौरमें होगा दीक्षांत समारोह

कस्बेके सौभागमल बाफना की पौत्री इन्द्रमल-निर्मला बाफना की सुपुत्री कु. बबीता बाफना अमितगुणा महाराज की शिष्या साध्वी अर्चना के वैराग्यपोषित वचनों से वीरप्रभू आचारित (दीक्षा पथ) पर आरूढ़ होने जा रही है। वे 15 फरवरी को जैन श्वेतांबर मूर्ति श्रीसंघ कालानीनगर इंदौर में आयोजित दीक्षा समारोह में सांसरिक जीवन छोड़कर संयम मार्ग को ग्रहण कर बाफना परिवार को यशस्वी बनाने जा रही है।

व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे

रविवारको कस्बे में दीक्षार्थी के वर्षीदान यात्रा को लेकर व्यापरियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। व्यापारी वर्षीदान यात्रा में शामिल रहे। इसमें जैन समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों ने भी शामिल होकर सौहार्द की मिसाल पेश की।

भक्तिसंध्या हुई ,भाई को राखी बांधी

बाफनानिवास पर भक्ति संध्या हुई जिसमें देवेन्द्र पंवार एंड ग्रुप ने भजन प्रस्तुति दी। दीक्षार्थी बबीता द्वारा मातृ-पितृ का वंदन किया गया। इसके बाद उन्होंने अपने भाई को अंतिम बार राखी बांधी। गौरतलब है कि 15 फरवरी को दीक्षा ग्रहण करने के बाद वे सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाएंगी।

सुनेल. कस्बे में दीक्षार्थी बाफना के वर्षीदान वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान शामिल महिलाएं।