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अवकाश के दिन मीटिंग लेने का विरोध

7 वर्ष पहले
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...और अब पचपहाड़ तहसील में स्टेपनी पटवारी भी

भवानीमंडी. रोडवेजसवारी बसों में तो स्टेपनी कंडक्टर के बारे में आए दिन सुन जाता रहता है, लेकिन पचपहाड़ तहसील में पटवारियों की कमी ने स्टेपनी पटवारी रखे जाने के बारे में जानकारी सामने आई है। रोडवेज और पटवार मंडल में एक बड़ा फर्क यह है कि रोडवेज में लापरवाही ने इस स्टेपनी व्यवस्था को जन्म दिया और पटवार मंडल में काम की अधिकता ने दूसरों की मदद लेने को मजबूर किया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या काम की अधिकता से किसी भी अनधिकृत गैर सरकारी युवक से सरकारी काम में मदद लेने की इजाजत दी जा सकती है। दैनिक भास्कर ने आज अपनी खबर में बताया था कि पचपहाड़ तहसील में 40 पटवार मंडल हंै। इनमें से 12 ही पद भरे हुए हैं। एक पटवारी के पास तीन-चार पटवार मंडल है। पटवार मंडल के ही भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त पटवार हल्के का काम निकालने के लिए कई पटवारियों ने कुछ बेरोजगार युवकों को काम पर रख रखा है। वे उसे कुछ राशि प्रदान कर देते हैं। पूरी ही पचपहाड़ तहसील में ऐसे करीब 15 स्टेपनी पटवारी लगे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि ये स्टेपनी पटवारी सरकारी रिकाॅर्ड में लेखा-जोखा भी करते है। जिसका रिकाॅर्ड में उनकी लेखनी के रूप में सबूत भी मौजूद हैं।

^आॅफिशियलीतो मेरी जानकारी में नहीं है कि किसी ने स्टेपनी पटवारी रख रखा है। काम का ओव्हर लोड रहता है तो कोई किसी की मदद लेता है तो इसमें बुराई भी क्या है। इसमें किसी को कोई आपत्ति है तो मुझे बताए। -राजेंद्र कुमार शर्मा, तहसीलदार,पचपहाड़

झालावाड़. बैठक में कई समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।

भास्कर न्यूज| झालावाड़

अकारणस्थानांतरण, नियुक्ति और अवकाश के दिन नॉन इमरजेंसी मुद्दों पर अधिकारियों द्वारा मीटिंग लेने का पटवार और कानूनगो संघ ने रविवार को हुई जिला स्तरीय बैठक में विरोध किया है। इस मौके पदाधिकारियों ने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान सीएम के सामने भी उनकी समस्याएं रखने का निर्णय लिया है।

रविवार को झालावाड़ पटवार घर में हुई जिला स्तरीय बैठक में इस बात पर प्रमुखता से चर्चा की गई कि जिले में पटवारियों के स्वीकृत पद 363 में से 146 पद खाली चल रहे हैं। उनका अतिरिक्त भार पटवारियों को देख रखा है। इसके बावजूद जिला स्तरीय अधिकारियों अपने अधिकारियों को दुरुपयोग कर अकारण स्थानांतरण और नियुक्ति कर पटवारियों