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पिछले साल इस समय कृषिमंडी मंें सोयाबीन के लग गए थे ढेर
बारिशके विलंब से इस साल खरीफ की फसलें एक माह से भी ज्यादा विलंब से पैदा होने जा रही हैं। पिछले साल सितंबर में खरीफ की फसलों ने कृषिमंडी में बिक्री के लिए जबरदस्त रूप से दस्तक दे दी थी। लेकिन इस बार अक्टूबर माह के बीच में सीजन की शुरुआत के आसार है।
गत वर्ष 13 जून से ही बुवाई शु़रू हो गई थी, लेकिन इस साल बारिश लेट होने से 15 जुलाई के आस-पास सोयाबीन आदि फसलों की बुवाई हुई। फसलें इस समय खेतों में ही फलियां बनने की अवस्था से गुजर रही हंै। सहायक निदेशक रामवीरसिंह ने बताया कि अभी फसलों की स्थिति ठीक है। लेकिन विलंब से बुवाई होने से उनके तैयार होने में देरी होगी। इससे मूंग-उड़द तो अक्टॅूबर के पहले सप्ताह में दस्तक दे देंगे, लेकिन सोयाबीन की 15-20 अक्टूबर के आस पास ही कटाई होने के आसार है। इससे कृषिमंडी में अक्टूबर माह के मध्य में ही सोयाबीन दस्तक देती दिख रही है। इससे अक्टूूॅबर माह के अंत तक ही सोयाबीन का सीजन जोर पकड़ सकेगा।
अभीपुरानी सोयाबीन रही
पिछलेसाल सितंबर माह में अविभाज्य भवानीमंडी (पांचों गौण मंडी चौमहला आदि समेत) कृषिमंडी मेें कुल 2 लाख 41 हजार 206 क्विंटल सोयाबीन की आवक हो गई थी। इससे स्थानीय मैन कृषिमंडी में भी अच्छी आवक हो गई थी। 30 सितंबर को यहां पर करीब तीन हजार बोरी की आवक थी। बारिश से सोयाबीन की किस्म खराब होने से उसके भाव 2,701 से 3,515 रुपए प्रति क्विंटल के ही रह गए थे। और इस साल अभी पुरानी ही सोयाबीन रही है। 1 सितंबर से 17 सितंबर तक में 7,090 क्विंटल सोयाबीन की आवक हो गई। जिसके भाव 3,200 से 3,396 रुपए प्रति क्विंटल के रहे हैं।
इसबार 1.25 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई
पिछलेसाल भवानीमंडी कृषि उप जिले मंें सन् 2013 में करीब 1.42 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हुई थी। इस साल यह करीब 1.25 लाख हैक्टेयर में ही रह गई। बाकी का स्थान उड़द ने ले लिया।
^पिछले साल से सोयाबीन कुछ कम तो है ही इस साल रीसोइंग मेें करीब 10 प्रतिशत एरिया उड़द में कनवर्ट हो गया था। करीब 1.25 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन है। -रामवीरसिंह, सहायकनिदेशक, कृषि विभाग
भास्कर न्यूज |भवानीमंडी
बारिशके विलंब से इस साल खरीफ की फसलें एक माह से भी ज्यादा विलंब से पैदा होने जा रही हैं। पिछले साल सितंबर में खरीफ की फसलों ने कृषिमंडी में बिक्री के लिए जबरदस्त रूप से दस्तक दे दी थी। ले