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540 पेंशनर्स को दो माह से पेंशन नहीं फिर भी किसी ने संपर्क नहीं किया
पचपहाड़तहसील में सामाजिक पेंशनर्स की पेंशन को सीधे उनके डाकघर खाते में भिजवाने के आदेश की सख्ती से पालना शुरू हो गई है। करीब 540 पेंशनर्स को, खाता नहीं खुलवाने से दो माह से पेंशन नहीं मिलने पर भी उनके द्वारा संपर्क नहीं साधा जाना हैरानी में डाले हुए हैं।
पचपहाड़ तहसील में दो साल पहले तक करीब 2700 ही पेंशनर्स थे। पिछले साल प्रशासन शहरों के संग अभियान में नियमों में से बेटा होने वाली शर्त मेें छूट देकर नए पेंशनर्स बनाए गए थे। तो यह आंकड़ा करीब 11,600 पर पहुंच गया था। पहले सबको एमओ आदि से भी पेंशन भिजवाई जा रही थी।
बाद में इन सबकी पेंशनर्स सीधे इनके डाकघर खाते में भिजवाने के लिए कह दिया गया। करीब 11,043 ने तो अपने खाते खुलवाकर उसकी सूचना ट्रेजरी को दे दी, जिससे पेंशन राशि सीधे उनके खाते में पहुंचना शुरू हो गई, लेकिन बाकी बचे 540 पेंशनर्स को विगत चार माह से उनके एमओ पर डाकघर में खाता खुलवा लेने की सील लगाकर भिजवाई गई। इस पर भी जब खाते नहीं खुले तो उनकी पेंशन रोक दी गई।
दो माह से उनकी पेंशन खाता नहीं खुला होने से नहीं भेजी जा सकी है। लेकिन इस पर भी इनमें से मुश्किल से दो-तीन पेंशनर्स ने ही संपर्क साधा। बाकी किसी ने भी इस बारे में अभी तक कोई संपर्क नहीं किया। उनका अभी तक संपर्क नहीं साधना हैरानी में डाले हुए है। सवाल उठ रहे कि पहले मनी ऑर्डर से पेंशन मिलने तक पेंशन लेते रहे, ये पेंशनर्स अब डाकघर में खाता खुलवाने की बारी आने पर सामने क्यों नहीं रहे हैω
भामाशाह शिविर में हुई थी 199 पेंशन रिजेक्ट
भवानीमंडी।पिछले दिनों नगर पालिका में भामाशाह कार्ड शिविर लगा था। उसमें पिछले साल मंजूर हुई पेंशनर्स की पेंशन चेक की गई थी। जिसमें 1130 के पेंशन फॉर्म चेक किए थे। इसमें से 199 को अपात्र मानकर उनकी पेंशन निरस्त कर दी गई थी। इनकी भी सूची अभी ट्रेजरी कार्यालय में नहीं पहुंची है।
डाकघरमें खाता खुलवाएं
पचपहाड़उप कोष कार्यालय ने डाक घर में खाता खुलवाने से वंचित रहे पेंशनर्स को एक बार फिर से डाकघर में बचत खाता खुलवाने की कहा है। जिससे उनकी पेंशन उनके खाते में चली जाए।
^ डग, पाटन बीडीओ और एसडीएम ऑफिस में से किसी ने भी आज तक सूचना नहीं दी कि भामाशाह कार्ड शिविर के दौरान कितनी पेंशन रिजेक्ट हुई है। अब इनको एक बार और पत्र लिखकर रिजेक्ट पेंशन लिस्ट भिजवाने की कहेंगे। ओमप्रकाशगर्ग, एटीओ, पचपहाड़