- Hindi News
- बिना एनओसी रीको क्षेत्र के एक किमी दायरे में नहीं काट सकेंगे कॉलोनी
बिना एनओसी रीको क्षेत्र के एक किमी दायरे में नहीं काट सकेंगे कॉलोनी
रीकोऔद्योगिक क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे में यदि कॉलोनी काटी तो अब खैर नहीं। एक किलोमीटर दायरे में रीको से एनओसी लेनी होगी। इसके बगैर यदि कॉलोनाईजर कॉलोनी काटता है तो उस पर कार्रवाई होगी। रीको ने इसके लिए तैयारी कर ली है। इसके लिए कलेक्टर को भी पत्र भेजकर जानकारी दी गई है ताकि कॉलोनाइजर्स को भी इसकी जानकारी मिल सके। गौरतलब है कि यहां झालावाड़, झालरापाटन, अकलेरा, भवानीमंडी में रीको के औद्योगिक क्षेत्र हैं। रीको औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास की भूमि बेशकीमती होती है।इसी का फायदा भू माफिया उठाते हैं।
यहां भी रीको औद्योगिक क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में कई भू माफिया कॉलोनियां काटते हुए दिखाई देते हैं। औने पौने दामों में भू माफिया जमीनें बेंच देते हैं। जबकि नियम यह है कि रीको क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे में रीको से एनओसी लिए बिना कोई कॉलोनी नहीं काटी जा सकती है, लेकिन जिले में कई कॉलोनियां ऐसे हैं जो रीको औद्योगिक क्षेत्रों से सटी हुई है वह काटी जा रही हैं। रीको औद्योगिक क्षेत्र से एक भी कॉलोनी ने एनओसी नहीं ले रखी है।
रीको के एक किलोमीटर परिधी में यदि कॉलोनी काटी जाती है तो संबंधित कॉलोनाइजर को लैंड कंवर्जन चार्ज रीको में भी जमा कराना होता है। यह चार्ज 20 रुपए प्रति स्क्वायर फीट लगता है। इसके अलावा रीको यह भी देखते है कि कहीं यह भूमि जो काटी जानी है वहां पर रीको अपना विस्तार तो नहीं करेगा।यदि रीको अपना औद्योगिक क्षेत्र में विस्तार की संभावनाएं देखता है तो उसको एनओसी जारी नहीं करता है।
रीकोऔद्योगिक क्षेत्र में ही बन गईं भूमािफया कॉलोनी
झालरापाटनसहित कई क्षेत्रों में भू माफिया रीको औद्योगिक क्षेत्र के आसपास भूमि अवैध रूप से काट रहे हैं। इसमें मजेदार बात यह है कि उन भूमियों का प्रचार प्रसार ही इस हिसाब से हो रहा है कि यह क्षेत्र रीको औद्याेगिक क्षेत्रों से सटे हुए हैं।
^ रीको औद्योगिक क्षेत्र से एक किलोमीटर की दूरी पर कोई कॉलsनी नहीं काटी जा सकती है। इसके स्पष्ट नियम है यदि कोई कॉलोनाईजर कॉलोनी काटता है तो उसे रीको से एनओसी लेनी होगी। एसके गर्ग, वरिष्ठ प्रबंधक, रीको