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बिजली चोरी के लिए निगम के 2 उड़नदस्ते, रोज 1 फीडर पर नजर रखेंगे

5 वर्ष पहले
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संभागमें सबसे अधिक बिजली चोरी झालावाड़ जिले में हो रही है। यहां पर 39 फीसदी बिजली चोरी में जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी को देखते हुए जयपुर डिस्कॉम अब यहां चोरी को कम करने के लिए सख्त हो चुका है। अब दो उड़नदस्ते बिजली चोरी वाले क्षेत्रों पर निगाह रखेंगे।

प्रतिदिन एक फीडर पर जाकर बिजली चोरी की स्थिति को देखेगी और वहां कार्रवाई करेगी। प्रत्येक स्क्वायड में एक एईएन, एक जेईएन, एक अकाउंटेंट, एक एलडीसी और 2 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। यह विजिलेंस एएसपी के निर्देश पर जगह जगह दबिश देंगे और बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। इन स्क्वायड में फीडर मैनेजर इंचार्ज का पद भी रहेगा। बिजली चोरी को 15 फीसदी से कम पर लाना है। इसके लिए 495 फीडरों पर अगले माह से काम शुरू हो जाएगा। तीन चरणों में यह काम शुरू होगा। पूरे जिले में वेयर कंडक्टर की जगह केबल डालने, केबल की रिपेयरिंग करने, कनेक्टर लगाने, ट्रांसफॉर्मरों पर बक्से लगाने सहित अन्य काम होंगे। इस पूरे काम पर 99 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दरअसल जिले में सबसे अधिक बिजली चोरी को देखते हुए जयपुर डिस्कॉम के उच्च अधिकारी भी यहां चोरी रोकने के प्रतिदिन निर्देश दे रहे हैं।

3 फेज में छीजत कम करने का टार्गेट

डिस्कॉमशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के फीडर को अलग-अलग कर वहां तीन फेज में अभियान चलाएगा। प्रथम फेज में ग्रामीण क्षेत्र में 136 फीडरों पर बिजली की चोरी को दिसम्बर तक कम करेंगे। द्वितीय फेज में जून तक और तृतीय फेज में दिसम्बर 2017 तक फीडरों पर बिजली चोरी कम होगी। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में पहले फेज में झालरापाटन ,अकलेरा, भवानीमंडी को लिया जाएगा और दूसरे फेज में झालावाड़, पिड़ावा हैं। यहां फीडर मैनेजमेंट कमेटी बना दी गई है। इसी तरह जहां पर फीडर वाइज ट्रांसफॉर्मर वाइज बिजली चोरी का सर्वे भी पूरा हो चुका है। इसमें बिजली चोरी के लिए आंकड़े डालने वालों के नाम, पते जयपुर डिस्कॉम ने सर्वे में एकत्रित किए है।

यहांहरदिन 28 लाख यूनिट बिजली चोरी

जिलेमें प्रतिदिन 28 लाख यूनिट बिजली चोरी होती है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहरी क्षेत्र भी पीछे नहीं हैं। अकलेरा क्षेत्र में 70 तो पिड़ावा क्षेत्र में 78 फीसदी बिजली चोरी में जाती है। इससे जयपुर डिस्कॉम को काफी घाटा लग रहा है।

^जिलेमें बिजली चोरी रोकने के लिए प्रयास शुरू हो चुके हैं। दो स्क्वायड बनाई जाएगी जो बिजली चोरी पर निगाह भी रखेगी और कार्रवाई भी करेगी। कहीं पर भी लोग आंकड़े नहीं डाल सकें इसके लिए केबलिंग, रिपेयरिंग का काम शुरू होगा। एनपीगोयल, एसई जयपुर डिस्कॉम झालावाड़।

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