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परीक्षा फॉर्म में दस्तावेज सत्यापन के लिए भटक रहे छात्र
राजकीयबिड़ला कॉलेज में इन दिनों यूनिवर्सिटी परीक्षा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। इस साल से राजस्थान के बाहर के विद्यार्थियोंं के अलावा बाकी सभी छात्रों की पत्रावली में स्वयं सत्यापन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। राजस्थान के बाहर के छात्र के मूल निवास को ही अटेस्टेड करवाया जाना है। इसे कॉलेज प्रोफेसर भी अटेस्टेड कर सकते हैं, लेकिन वे सत्यापित करने से बच रहे हैं। इससे कुछ तो नियमों के अभाव में और कुछ राजस्थान से बाहर के होने से अपने दस्तावेजों को अटेस्ट करवाने के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं।
भवानीमंडी में यूनिवर्सिटी परीक्षा के लिए जनमित्र और बैंक में फीस जमा करने की व्यवस्था की गई है। इस समय कला, विज्ञान वाणिज्य प्रथम वर्ष और एमए, एमकॉम प्रीवियस के फॉर्म जमा किए जा रहे हैं। कॉलेज में रेग्युलर निजी मिलाकर करीब 5000 से भी ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में बैठते हैं। फॉर्म ऑनलाइन सबमिट किए जाने के बाद इनकी हार्डकॉपी अटेस्ट करवाकर कॉलेज में जमा करवानी पड़ती है। सारे ही फॉर्म भवानीमंडी में ही भरे जा रहे हैं। इससे ज्यादातर छात्र स्वयं सत्यापन की अनभिज्ञता और राजस्थान के बाहर के होने से इन्हें यहां सरकारी विभागों में सत्यापित करवाने के लिए भटक रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति प्राइवेट परीक्षार्थियों के साथ हो रही है। पहचान नहीं होने से उनके पत्रकों को अटेस्ट नहीं किया जा रहा है। भवानीमंडी के अन्य अधिकारी भी उनके पत्रक अटेस्ट करने में हिचक रहे हैं। बहराहल सोमवार तक कॉलेज में करीब 350 हॉर्ड कॉपी जमा हो चुकी है।
राजस्थान के छात्र स्वयं सत्यापित कर सकते हैं
राजकीयबिड़ला कॉलेज के प्राचार्य बीएल शर्मा ने बताया कि राजस्थान के रेग्युलर एवं प्राइवेट छात्र अपने पत्रकों को स्वयं सत्यापित करके फॉर्म के साथ लगा सकते हैं। केवल राजस्थान के बाहर के निजी विद्यार्थियों से ही उनके राजस्थान में ढाई साल के निवास का प्रमाण मांगा जा रहा है। इसमें ही उन्हें यह किसी गजेटेड ऑफिसर से सत्यापित करवाना है कि वह ढाई साल से यहां रह रहा है। उधर, प्राचार्य से जब यह पूछा गया कि कॉलेज के प्रोफेसर भी तो इसे कर सकते हैं, उन्होंने जवाब दिया कि यहां का ज्यादातर स्टॉफ नया है, जिससे वे पहचान नहीं पाने से अटैच्ड नहीं कर रहे हैं। उधर, यही समस्या बाकी अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ भी है। वे भी किसी विद्यार्थी को नहीं पहचान