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अफसरों के दौरे भी नहीं बदल सके अस्पताल के हालात
झालावाड़जिला मुख्यालय के बाद सर्वाधिक रोगी भार वाला भवानीमंडी का राजकीय कमरुद्दीन चिकित्सालय एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अफसरों के दौरे भी इस अस्पताल के प्रसव और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधा के हालात ज्यादा नहीं बदल सके। सरकार की जननी सुरक्षा जैसी महत्वाकांक्षी योजना के यहां पर बुरे हाल हंै। अस्पताल में प्रसव दर में गिरावट जारी है। नौबत यह गई है कि यहां आया हर दूसरा प्रसव एकदम ऐन वक्त पर झालावाड़ रैफर किया जा रहा है। रैफर करने में भी प्राथमिक चिकित्सा युक्त 104 एंबुलेंस की बजाय निजी जननी वाहनों को ही ज्यादा तवज्जोंं दी जा रही है। यही स्थिति बाकी की अन्य दुर्घटना आदि के गंभीर मामलों में भी बनी हुई है।
तीन माह में 591 में से 194 झालावाड़ रैफर
राजकीयकमरुद्दीन चिकित्सालय मेें सितंबर 2014 से नवंबर 14 तक के तीन माह में 591 प्रसव के मामले आए। इनमें से 397 के यही पर प्रसव हो गए, बाकी के 194 को झालावाड़ रैफर कर दिया। इनमें से 121 को निजी जननी वेन से झालावाड़ रैफर किया गया। मतलब हर दूसरा प्रसव झालावाड़ रैफर। इनमें से भी साठ प्रतिशत प्रसवों को निजी वेन से रैफर किया। इस तीन माह में यहां पर सात ऑपरेशन प्रसव हुए।
छहडॉक्टर लगाने के थे आदेश
राजकीयकमरुद्दीन चिकित्सालय में महिला रोग विशेषज्ञ लंबे समय से नहीं है। पिछले दिनोंं यहां पर 6 नए डॉक्टर लगाने के आदेश हुए थे। जिनमें से एक यहां पर पहले से ही काम कर रहा था। एक ने एक दिन ड्यूटी ज्वाइन की और चली गई। एक दंत चिकित्सक यहां पर था, वह चला गया, उसकी जगह यहां कोई नहीं आया।
केवलसाफ-सफाई हुई
अफसरोंके पिछले दिनों के दौरे से जो नोटिस काबिल फर्क आया वह है एक तो आज तक अच्छी साफ-सफाई और दूसरा सोनोग्राफी व्यवस्था। बाकी तो जनरेटर आया ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू हुई। जनरल फिजीशियन और सर्जन तथा महिला रोग आदि के चिकित्सक आए।
^यहां तो महिला गायनी है ही नही। क्या करें जरा सा कुछ होते ही लड़ाई-झगड़े की नौबत जाती है। यहां तो हम रिस्क लेते ही नहीं। यहां तो सुरक्षित एवं सामान्य प्रसव ही करवा पा रहे हैं। रहा 104 एंबुलेंस का सवाल उसका टायर फट गया। 10 तारीख तक उसमें टायर डलवाकर चालू करवा देंगे। आरसीजीवन, प्रभारी,राजकीय कमरुद्दीन चिकित्सालय, भवानीमंडी
तीन माह में 591 में से 194 झालावाड़ रैफर
राजकीयकमरुद्दीन चिकित्सालय मेें सितंबर 201