- Hindi News
- जल्दी सरकारी सहायता मिलने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने उठाया शव
जल्दी सरकारी सहायता मिलने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने उठाया शव
भीममें बीती रात को बाइक की टक्कर से विद्यार्थी की मौत के बाद ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर शव को नहीं उठाया। शनिवार सुबह भीम एसडीएम ग्रामीणों की पांच सदस्यों की टीम ने समझौता वार्ता की। अधिक से अधिक मुआवजा राशि दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को उठाया।
पैदल जा रहे लसाडिय़ा निवासी जितेन्द्रसिंह (19) पुत्र पूनमसिंह रावत की शुक्रवार रात को एक मोटर साइकल की टक्कर से मौत हो गई। मृतक जितेंद्र सिंह का पोस्टमार्टम शुक्रवार शाम को ही कर दिया गया। जबकि ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव लेने से इंनकार कर दिया। देर रात तक पुलिस प्रशासन ग्रामीणों की बीच समझाइश करने का प्रयास किया गया। लेकिन ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। शनिवार सुबह लसाडिय़ा गांव के सैकड़ों युवक अस्पताल पहुंच गए। प्रशासन ने बढ़ती आक्रोशित भीड़ को देखते हुए तीन थानों के थानाधिकारी राजसमंद पुलिस लाइन का जाप्ता मौके पर तैनात कर दिया। मौके पर भीम एसडीएम नरेंद्र कुमार जैन, तहसीलदार हरिसिंह शेखावत, नायब तहसीलदार महेश कुमार दत्त आदि भी अस्पताल पहुंच गए। जहां ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। उग्र ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। 10 बजे एसडीएम नरेन्द्र कुमार जैन ने लसाडिय़ा के 5 ग्रामीणों को बुलाकर समझौता वार्ता की। अंत में राज्य सरकार की ओर से जल्दी से जल्दी से सहायता राशि दिलवाने का आश्वासन दिया गया। इन पांच सदस्यों ने आक्रोशित जनता को समझाकर शव उठा लिया।
अस्पताल के बाहर भारी जाप्ता
भीममें शनिवार को अस्तपाल रोड़ पर सुबह से ही भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया। भीम अस्पताल के बाहर आक्रशित ग्रामीणों की भीड़ होने से इलाज के लिए रहे अन्य मरीजों को परेशान होना पड़ा। पूरा अस्पताल परिसर ग्रामीणों से भरा हुआ था। जिसके चलते अन्य मरीजों को ईलाज करवाने में परेशानी उठानी पड़ी।
भीम। आक्रोशितग्रामीण की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर लगी भीड़। भास्कर