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महिला को निर्वस्त्र कर गधे पर घुमाने वाले 21 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
राजसमंद| थुरावड़में महिला को निर्वस्त्र और मुंह काला कर गधे पर गांव में घुमाने के आरोप में चौदह महीने से जेल में बंद 39 में से 21 आरोपियों को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। घटना 9 नवंबर 2014 की है। अधिवक्ता अरुणा गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में जमानत की दो अर्जियां पेश की गई। एक में 19 और दूसरी में दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। जमानत मिलने वालों में थली का तालाब थुरावड़ निवासी छगनसिंह पुत्र कुरसिंह, किशनसिंह पुत्र केरसिंह, केसरसिंह पुत्र उदा दसाणा, भीमसिंह पुत्र केसरसिंह, भीम सिंह पुत्र उदयसिंह, रहमतसिंह पुत्र अमरसिंह, दौलतसिंह पुत्र विजयसिंह, धूलसिंह पुत्र घीसासिंह, गोपालसिंह पुत्र अमरसिंह, पृथ्वीसिंह पुत्र दीपसिंह, मांगूसिंह पुुुत्र वरदीसिंह, घीसासिंह पुत्र भज्जासिंह, भीमसिंह पुत्र अमरसिंह, घीसासिंह पुत्र जेतासिंह, जेतसिंह पुत्र राजूसिंह, कुड़सिंह पुत्र थानसिंह, धनसिंह पुत्र दौलतसिंह, रामसिंह पुत्र रूपसिंह, प्रेमसिंह पुत्र रतनसिंह, भंवरसिंह पुत्र लुम्बसिंह, चंदाराम पुत्र चम्पाराम की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। आरोपियों की अंतिम पेशी कुंभलगढ़ न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई थी।
इसके बाद मामले को राजसमंद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में स्थानांतरित कर दिया था। घटना के अगले ही दिन पुलिस ने 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। राजसमंद जेल में बंदियों को रखने की क्षमता कम होने के कारण सभी को उदयपुर सेंट्रल जेल में रखा था। वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि मामले में अब तक 35 पेशियां हो चुकी है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से बयान पूरे हो चुके हैं। अब तक 29 गवाहों के बयान हुए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से 68 दस्तावेज पेश किए हैं।
यह था मामला
चारभुजामें थुरावड़ स्थित थाली का तालाब निवासी वरदीसिंह (25) पुत्र राजूसिंह खरवड़ दसाणा राजपूत ने 2 नवंबर 2014 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वरदी सिंह की प|ी सुंदरबाई पर उदयसिंह से प्रेम प्रसंग होने का आरोप था। पुलिस ने इस संबंध में वरदी सिंह की प|ी सुंदरबाई और उसके प्रेमी उदयसिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया था। इनको गिरफ्तार कर चालान भी पेश किया गया। इस मामले में ग्रामीणों ने 9 नवम्बर 2014 को पंचायत बुलाई और वरदीसिंह की आत्महत्या के पीछे गांव की एक महिला का हाथ बताते हुए उसका मुंह काला कर दिया और निर्वस्त्र कर गधे पर बैठाकर गांव में घुमाया था। महिला को जूते की माला भी पहना दी थी। सात घंटे तक हंगामा चलता रहा। महिला पर अत्याचार के आरोप में पुलिस ने सुंदरबाई सहित 39 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया था। मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना पर यूएन (संयुक्त राष्ट्र संघ) ने भी आपत्ति जताई थी। इस मामले में चारभुजा थानाधिकारी सहित 7 सरकारी कर्मचारियों को सरकार ने निलंबित किया था। मामले को लेकर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया सहित राज्य महिला आयोग की पदाधिकारी भी मौके पर पहुंची थीं।