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डोडा चूरा लूट हत्या का खुलासा, चार गिरफ्तार

6 वर्ष पहले
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मप्रसीमा के पास बोरबावड़ी में 15 दिन पूर्व डोडा चूरा के सरकारी गोदाम में हुई लूट और हत्या की वारदात का पुलिस ने राजफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में करीब 25 लोग शामिल हैं। जिसमें से कुछ को नामजद कर लिया गया है। अधिकांश आरोपी मध्यप्रदेश के मंदसौर निवासी है। वारदात का मास्टर माइंड आरोपी पूर्व में इसी गोदाम में कर्मचारी रह चुका है।

एसएचओ राजेंद्रसिंह चौधरी ने बताया कि वारदात के मुख्य आरोपी नई आबादी मंदसौर थानांतर्गत अर्निया निजामुदीन निवासी अफजल अजमेरी पुत्र इस्माइल अजमेरी सहित आरिफ अजमेरी पुत्र शब्बीर अजमेरी, बोरबावड़ी बेगूं निवासी श्यामलाल उर्फ मीठूलाल पुत्र अमरचंद गुर्जर, राजेश पुत्र कन्हैयालाल मेघवाल को गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि 26 जनवरी की रात एमपी सीमा पर बोरबावड़ी में ठेकेदार के डोडा पोस्त गोदाम पर करीब 25 नकाबपोश लूटेरो ने हमला कर दिया था। पत्थरबाजी, मारपीट कर्मचारियों को बंधक बनाकर लूटपाट की गई। मारपीट में मुनीम गंगानगर के मंगतराम ज्ञानी की हत्या कर दी गई और तीन कर्मचारी घायल हो गए थे। एनवक्त पर पुलिस के पहुंचने से लुटेरे डोडा चूरा नहीं ले जा सके।

वारदात का मास्टर माइंड अफजल

पुलिसने बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड अफजल है, जो छह माह पहले तक इसी ठेकेदार का कर्मचारी था। इस दौरान हम्मालों के माध्यम से क्षेत्र से डोडा चूरा एकत्रित करा कर गोदाम में डलवाया था। आरोपी श्यामलाल गुर्जर भी पहले गोदाम में चौकीदार था और राजेश मेघवाल वर्तमान में चौकीदार था। वारदात के दिन उसके पिता कन्हैयालाल मेघवाल चौकीदार कर रहे थे। एसआई महावीरप्रसाद, एसआई शंभूलाल की टीम ने वारदाता का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई। दो माह पूर्व राजसमंद जिले के भीम में भी अफजल उसकी टीम ने डोडा चूरा का ट्रक लूट लिया था। बोरबावड़ी मामले में गिरफ्तार आरिफ भी अफजल अजमेरी का साथी है। पहले कर्मचारी रहते हुए अफजल को गोदाम और यहां तैनात कर्मचारियों आदि की पूरी जानकारी थी। यहां तक कि वो मुनीम ज्ञानजी के पेट की बीमारी से भी परिचित था। इसीलिए पेट में ही मुक्के मारे और हत्या कर दी। बदमाश लूट के लिए ट्रक, टवेरा लेकर आए थे। ज्ञानजी के पास थाने के ड्राइवर बसंत पाराशर के नंबर थे। जिस पर जानकारी देते ही करीब 20 मिनट में पुलिस पहुंच गई।

प्लान के अनुसार काम होता तो नहीं होती हत्या

अफजलबोरबावड़ी में राजेश मेघवाल के मकान में किराये पर रहता था। डोडा चूरा की डिमांड आने पर उसने 25 दिन पहले राजेश मेघवाल श्यामलाल गुर्जर के साथ बेगूं और रायता गांव में अलग-अलग बैठकर लूट की योजना बनाई। इसमें यह तय हुआ कि वारदात के दिन राजेश को गोदाम कर्मचारियों को खाने की दाल में नींद की गोलियां मिला देनी थी। ताकि कर्मचारी नींद में रहेे, लेकिन 26 जनवरी की रात वारदात के समय राजेश बाहर चला गया और उसके पिता कन्हैयालाल मेघवाल चौकीदार थे। अफजल ने अचानक वारदात के लिए आने की सूचना दी। यदि प्लान के मुताबिक वारदात होती तो तोडफ़ोड़, हत्या मारपीट नहीं होती।

नकाबपोश लूटेरों का क्लू पुलिस को कर्मचारी राजेश, श्यामलाल गुर्जर अफजल की मोबाइल काल डिटेल से मिला। वारदात में घायलों ने लूटेरो की बोलचाल भाषा एमपी की होना बताया। बोरबावड़ी निवासी राजेश श्यामलाल लूट के षडयंत्र में शामिल थे और अन्य करीब 20 लोग अफजल अपने साथ मध्यप्रदेश से साथ लाया। जिसमें से कुछ को पुलिस ने नामजद कर लिया है। पुलिस का पहला शक कर्मचारियों के लिप्त होने का था। इसी से इस बडी घटना का राजफाश हुआ।