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महामारी रोकने को केंद्र देगा मेडिकल सुविधाएं
भास्कर न्यूज नेटवर्क | श्रीनगर
बाढ़प्रभावित जम्मू-कश्मीर में महामारी फैलने से रोकने के लिए केंद्र सभी तरह की मेडिकल सुविधाएं देगा। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन ने भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि शुद्ध पानी की जरूरत को देखते हुए 20 आरओ प्लांट दिल्ली तथा हैदराबाद से श्रीनगर पहुंचे हैं। 33,000 कंबल भी भेजे गए।
रक्षा प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने बताया कि सेना और एनडीआरएफ ने अब तक 2,26,000 से ज्यादा लोगों को बचाया है। वायुसेना और थलसेना एविएशन कोर के 80 परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों को अभियानों में लगाया गया है। इसमें करीब 30,000 जवान तैनात हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक पांच लाख टन से अधिक पानी और 1,054 टन खाने के पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
सेना की तरफ से 8,200 कंबल और 1,572 टेंट पीड़ितों को दिए गए। श्रीनगर और जम्मू में 19 राहत शिविर लगाए गए हैं। सड़क संपर्क बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन के पांच कार्यबलों को श्रीनगर, राजौरी और अखनूर में तैनात किया गया है। इनमें 5,700 कर्मचारी हैं।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मेरठ में सामान देते नागरिक (ऊपर) जम्मू में राहत सामग्री में से अपने लिए कपड़े खोजते बच्चे (नीचे)।
भागने वाले अफसरों पर कार्रवाई
कश्मीरमें बाढ़ के हालात ठीक होने के बाद अब भागने वाले अफसरों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने आईजी सिक्योरिटी सुनील कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय में अटैच किया है। इसके अलावा एसआरटीसी के एमडी जेएस टंडन के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। दोनों अफसर बाढ़ के हालात में काम को छोड़ कर जम्मू चले गए थे। इसी तरह हर विभाग के अधिकारियों की लिस्ट बनाई जा रही है। जो हालात में मदद के बजाय बचने के लिए अन्य शहरों में भाग गए।
गेस्ट हाउस या घरों से काम करें जज
बेंचने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को अदालत में काम शुरू करने का निर्देश दिया। कहा कि जज गेस्ट हाउस या घरों से काम कर सकते हैं।
बाहरीएजेंसियों को नहीं कर सकते शामिल
कोर्टमें अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सेना, एनडीआरएफ और राज्य पुलिस द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों को बाहरी एजेंसियों को देने का सुझाव खारिज कर दिया। कहा कि जम्मू-कश्मीर बेहद संवेदनशील राज्य है।
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केंद्रीय स्वास्थ्