8 पंस में से 7 पर भाजपा के प्रधान
जिले की आठ पंचायत समितियों में प्रधान का हुआ चुनाव, दिनभर रही गहमागहमी
जालोर जिले की आठों पंचायत समितियों में शनिवार को प्रधान पद के लिए चुनाव हुए। इस दौरान आठ में से 7 समितियों में भाजपा के प्रधान बने। चितलवाना पंचायत समिति में कांग्रेस की 9 सीटें होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग के कारण यहां भाजपा के हनुमानप्रसाद 1 से जीतने के कारण प्रधान बने। वहीं सांचौर पंचायत समिति के प्रधान पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के टाबाराम निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसी तरह आहोर पंचायत समिति में भाजपा की राजेश्वरी कंवर, जालोर में भाजपा की संतोषकुमारी, सायला में जबरसिंह तूरा, भीनमाल में भाजपा के धुकाराम पुरोहित जसवंतपुरा में भाजपा की पिंकी पुरोहित प्रधान बनीं। जबकि रानीवाड़ा में कांग्रेस की रमीला देवी प्रधान बनीं। जिले की आठ पंचायत समितियों में से चार सीटों पर महिलाएं चार पर पुरुष प्रधान बने हैं।
2010 में : चनणीदेवी (कांग्रेस) 7 वोट से जीती थी।
2010 में : राधादेवी (कांग्रेस) 7 वोट से जीती थी।
2010 में : शमशेरअली (कांग्रेस) 7 वोट से जीते थे।
2010 में : मनीषामेघवा (निर्विरोध) चुनी गई।
2010 में : सौरमकंवर (कांग्रेस) 5 वोट से जीती थी।
2010 में : रामप्रकाशचौधरी (भाजपा) 7 वोट से जीते थे।
2010 में : दीपारामभील (कांग्रेस) 1 वोट से जीते थे।
2010 में : हेमंतकंवर (कांग्रेस से बागी निर्दलीय) 7 वोट से जीती।
गुटबाजी के कारण 3 वोट से जीते प्रधान
भीनमालमें प्रधान पद पर सवेरे 10 बजे भाजपा से धुखाराम पुरोहित भाजपा से ही बागी रमेश राजपुरोहित ने निर्दलीय के रूप में नामांकन भरा। 23 सदस्यों की सीट वाली इस पंचायत में भाजपा को 15, कांग्रेस को 7 एक निर्दलीय को सीट मिली थी। नामांकन वापसी के दौरान भाजपा उम्मीदवार धुखाराम पुरोहित सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने रमेश राजपुरोहित से समझाइश कर दोनों उम्मीदवारों को एक मंच पर आने की नसीहत दी, लेकिन दोनों ही गुट अड़ गए। दोपहर 3 बजे मतदान शुरू हुआ। करीब 4.30 बजे तक 23 सदस्यों की ओर से मतदान हुआ। मतगणना में भाजपा के धुखाराम पुरोहित को 13 निर्दलीय रमेश राजपुरोहित को 10 मत मिलने पर प्रधान पद के लिए धुखाराम पुरोहित को विजयी घोषित किया गया।
यहां निर्विरोध चुने गए प्रधान
जिलेकी आठों पंचायत समितियों में प्रधान पद को लेकर मतदान हुआ, जबकि सांचौर पंचायत समिति में प्रधान पद के लिए टाबाराम निर्विरोध चुने गए। यहां से भी भाजपा को एकतरफा जीत मिली और 21 सदस्यीय बोर्ड में 15 सदस्य भाजपा के जीतकर आए। जबकि कांग्रेस को मात्र 6 वार्डों में जीत मिली। शनिवार को नामांकन के दौरान भाजपा के टाबाराम मेघवाल की ओर से पर्चा भरने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पंचायत समिति परिसर पहुंची मीनाक्षी मेघवाल उनके समर्थन में नामांकन नहीं भरकर सर्मथकों के साथ बैरंग लौट गईं। जिसके बाद टाबाराम को निर्विरोध प्रधान घोषित किया गया। प्रधान चुने जाने के बाद टाबाराम ने शिवनाथपुरा स्थित मंदिर में धोक लगाकर गणेशनाथ महाराज से आशीर्वाद लिया।
भाजपा में बगावत के बावजूद बनी प्रधान
प्रधानपद के लिए आहोर पंचायत समिति में मुकाबला काफी रोचक रहा। 23 सदस्यीय बोर्ड वाली समिति में भाजपा को 17 कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं। वहीं भाजपा से राजेश्वरी कंवर के सामने भाजपा की ही बागी संजू सैनी ने निर्दलीय से नामांकन भरा। जबकि कांग्रेस से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा गया। यहां आखिरी समय में भाजपा की बागी और निर्दलीय उम्मीदवार संजू सैनी ने विचार मंथन के बाद अपना वोट प्रतिद्वंद्वी भाजपा की राजेश्वरी कंवर को दिया। जिसके बाद सैनी को कांग्रेस के 6 वोट और भाजपा की राजेश्वरी कंवर को 17 वोट मिले। इस तरह राजेश्वरी कंवर को यहां विजयी घोषित किया गया।
स्पष्ट बहुमत के बावजूद मशक्कत
प्रधानपद को लेकर बीती रात से यहां जोरदार राजनीतिक उठा पठक चली और भाजपा को स्पष्ट बहुमत के बावजूद इस पद के लिए एकराय बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। शनिवार को नामांकन के बाद हालांकि यहां आमने सामने का मुकाबला रहा, लेकिन भाजपा के दो वोट विरोधी खेमे में जाने से चर्चा का माहौल बना रहा। 17 सदस्यीय पंचायत समिति के बोर्ड में यहां भाजपा को 12 कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं। वहीं भाजपा की पिंकी पुरोहित कांग्रेस की माफीदेवी पुरोहित के बीच सीधा मुकाबला हुआ। मतदान के बाद पिंकी पुरोहित को 10, जबकि कांग्रेस की माफीदेवी को भाजपा के दो अतिरिक्त वोटों सहित कुल 7 वोट मिले। इसके बावजूद पिंकी पुरोहित 3 वोट से विजयी घोषित की गई।
रोचक रहा मुकाबला
भाजपाऔर कांग्रेस में मात्र एक सीट के अंतर के कारण यहां भी मुकाबला काफी रोचक रहा। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रधान पद के लिए भाजपा से वर्षादेवी कांग्रेस से रमीला देवी ने नामांकन भरा। शाम को मतदान के लिए सभी 19 सदस्य यहां बंद गाडिय़ों में पहुंचे। मतगणना के बाद कांग्रेस की रमीला देवी को 10 भाजपा की वर्षादेवी को 9 वोट मिले। इस पर रमीला देवी को विजयी घोषित किया गया। इधर, प्रधान पद के लिए हुई वोटिंग के दौरान समिति के बाहर लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
यहां भाजपा ने बनाया बोर्ड
जिलेकी आठों पंचायत समितियों में यह एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जहां भाजपा एक सीट कम होने के बावजूद अपना बोर्ड बनाने में कामयाब रही। 17 सदस्यीय बोर्ड वाली इस समिति में भाजपा और कांग्रेस के बीच एक सीट का अंतर होने के कारण यहां दोनों दलों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। यहां भाजपा से हनुमानप्रसाद भादू कांग्रेस से यशपाल जाट के बीच आमने सामने का मुकाबला हुआ। क्रॉस वोटिंग के कारण यहां भादू को 9 जाट को 8 वोट मिले। इस तरह हनुमानप्रसाद भादू को 1 वोट से विजयी घोषित किया गया।
लगातार तीसरी बार भाजपा का प्रधान
प्रधानचुनाव को लेकर यहां भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला। इसके बावजूद भाजपा नेता काफी चौकस नजर आए। मतदान करने के लिए सभी सदस्यों को एक साथ एक मिनी बस में मतदान केंद्र पर लाया गया। इसके बाद एक-एक कर सदस्य मतदान करने गए। इसके बाद सभी सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। 25 सदस्यीय पंचायत समिति के बोर्ड में यहां भाजपा की ओर से जबरसिंह तूरा और कांग्रेस के भगवत करण के बीच सीधा मुकाबला हुआ। भाजपा के जबरसिंह को एक निर्दलीय सहित कुल 18 और कांग्रेस के भगवत करण को 7 वोट मिले। जिस पर भाजपा के जबरसिंह को विजयी घोषित किया।
आमने-सामने का मुकाबला
17सदस्यीय पंचायत समिति के बोर्ड में भाजपा की संतोषकुमारी और कांग्रेस की ममता देवी के बीच सीधा मुकाबला हुआ। हालांकि यहां भाजपा को एकतरफा जीत मिली और पार्टी के 10 सदस्य जीत कर आए। जबकि कांग्रेस के 6 सदस्यों को जीत मिली, लेकिन प्रधान पद के लिए नामांकन प्रक्रिया में दोनों दलों द्वारा नामांकन भर देने से मुकाबला आमने-सामने का हो गया। मतदान के बाद संतोषकुमारी को भाजपा के 10 एक निर्दलीय का वोट मिला और कांग्रेस की ममता देवी को 6 वोट मिले। जिस पर भाजपा की संतोषकुमारी 5 वोट से विजयी घोषित की गई।