- Hindi News
- 6 हजार बेटियों को नहीं मिली शुभलक्ष्मी की दूसरी किश्त
6 हजार बेटियों को नहीं मिली शुभलक्ष्मी की दूसरी किश्त
बालिकाजन्म दर को प्रोत्साहन बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार की ओर से शुरु की गई मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना का लाभ जिले की 30 प्रतिशत जननियों को ही मिल पाया हैं। शुभलक्ष्मी योजना में एक अप्रैल से 31 जनवरी 2013 तक जिले में जन्म लेने वाली 9690 बेटियों को प्रथम किश्त के रूप में 2100 रुपए दिए जाते है। बेटी के एक साल की होने पर दूसरी किश्त के 2100 रुपए दिए जाते है। लेकिन दूसरी किश्त मात्र 2970 काे ही मिली हैं। सरकारी मान्यता प्राप्त जेएसवाई संस्थानों में जन्म लेने वाली लड़की को सरकार की ओर से प्रोत्साहन स्वरुप राशि देने के लिए वर्ष 2013 में शुभलक्ष्मी योजना की शुरुआत की थी। जिसके तहत लड़की 5 साल की होने के साथ स्कूल में प्रवेश लेने तक सरकार की ओर से 7300रुपए दिए जाने का प्रावधान था। बेटी के जन्म पर अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर जननी को पहली किश्त के तौर 2100रुपए तो मिल जाते थे मगर समय पर टीकाकरण नहीं करवाने के साथ दूसरी किश्त के लिए जिले की करीब 70 प्रतिशत जननियों ने आवश्यक दस्तावेज ही स्वास्थ्य केंद्रों पर जमा नहीं करवाए।
एक कारण जननी परिजनों की लेटलतीफी भी
मामलोंमें जननी या उसके परिजनों की ओर से अनभिज्ञता या लापरवाही के चलते बच्चों को समय पर पूरे टीके नहीं लगवाए जाते हैं। वहीं कई महिलाएं अपने पीहर में डिलीवरी के बाद पुन: ससुराल चली जाती है। ऐसे में कई बार ममता कार्ड खो जाने या समय पर टीका नहीं लगवाने अथवा दस्तावेजों की कमी के चलते उन्हें दूसरी किश्त का लाभ नहीं मिल पाता।
9690 जननियों को दी पहली किश्त जबकि दूसरी किश्त मात्र 2970 को ही दी
ब्लॉक प्रथम कि. द्वितीय कि. अंतर
राज.चिकि.1304 179 1125
आहोर 971 496 475
जालोर 587 338 249
सायला 641 323 318
भीनमाल 2738 609 2129
रानीवाड़ा 421 64 357
जसवंतपुरा 749 285 464
चितलवाना 1067 322 745
सांचौर 1212 354 858
कुल 9690 2970 6720
(शुभलक्ष्मी योजना के तहत लाभान्वित जननियों के आंकड़े)
ब्लॉक प्रभारियों को निर्देश दिए हैं
^जिलेके सभी ब्लॉक प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र की जननियों को रिकॉर्ड में दिए गए पते पर इस संबंध में सूचना भिजवाने के निर्देश दिए हैं। उन्हें ब्लॉक अनुसार जननियों की भी छंटनी कर संबंधित ब्लॉक प्रभारी को जानकारी देने के लिए भी कहा गया है। -डॉ.जीएस देवल, सीएमएचओ, जालोर
कलेक्टर ने लक्ष्य प्राप्ति के दिए थे निर्देश
गतमहीने हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने शुभलक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में जननियों को दूसरी किश्त का पूरा लाभ नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने चिकित्साधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से काम कर शीघ्र लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए थे।
किश्त के लिए ये दस्तावेज लाना जरुरी
द्वितीयकिश्त का लाभ लेने के लिए जननी को बालिका का जीवित प्रमाण पत्र, टीके लगवाने का पत्र डिस्चार्ज पत्र साथ लाना जरुरी होता है। राज्य के किसी भी राजकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर ये आवश्यक दस्तावेज फार्म के साथ देने पर जननी को एक साल पूरा होने पर द्वितीय किश्त के रूप में 2100 रुपए का चेक जारी किया जाता है।
1 साल की उम्र तक लगते हैं 5 टीके
बालिकाके जन्म से लेकर 1 साल की उम्र तक 5 प्रकार के टीके लगवाना जरुरी होता है। विभागीय जानकारी के अनुसार 1 महीने की उम्र तक बीसीजी हेपाटाइटिस के टीके सहित पोलियो ड्रॉप, डेढ़ महीने की उम्र तक पेंटावेलेंट टीका ओरल पोलियो, ढाई साढ़े तीन महीने की उम्र तक भी पेंटावेलेंट ओरल पोलियो तथा 9 महीने पूरे होने पर मीजल्स की प्रथम खुराक का टीका बालिका को लगवाना जरुरी होता है।
सरकारी मान्यता प्राप्त जेएसवाई संस्थानों में जन्म लेने वाली कन्या को शुभलक्ष्मी योजना के तहत सरकार की ओर से 5 साल की उम्र होने तक कुल 7300 रुपए दिए जाते हैं। जिसमें बालिका के जन्म पर प्रथम किश्त के रुप में 2100रुपए, सभी टीके लगवाने पर 1 साल बाद 2100रुपए तथा 5 साल की उम्र में स्कूल में प्रवेश के बाद 3100 रुपए दिए जाते हैं।