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पानी का कनेक्शन लेना है तो अभी लें, मार्च के बाद नहीं मिलेगा

6 वर्ष पहले
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सर्दीका असर कम होने लगा है और पारे में बढ़ोतरी के साथ साथ गर्मी ने दस्तक दे दी है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ेगी। ऐसे में जिन लोगों को पानी के नए कनेक्शन लेने हैं, वे अभी से ही लें ले क्योंकि मार्च के बाद से लेकर मानसून सीजन तक विभाग की ओर से नए जल कनेक्शन नहीं किए जाएंगे। गर्मी के मौसम में विभाग को स्टाफ पेयजल आपूर्ति बहाल रखने में व्यस्त रहता है, जिसके कारण यह स्थिति बनती है। इधर, विभाग में स्टाफ की कमी है। जिससे दिक्कत और भी बढ़ जाती है। ऐसे में जिले में जलदाय विभाग की ओर से हर साल गर्मी के मौसम में यह व्यवस्था की जाती है, जिसके तहत नए कनेक्शन अपै्रल से लेकर मानसून सीजन तक जारी नहीं किए जाते। आमजन के लिए यह परेशानी भरा निर्णय है, लेकिन विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था शहरी पेयजल आपूर्ति बहाल रखने के लिए जरुरी है। विभाग का फिल्ड स्टाफ गर्मी के मौसम में पानी के नए कनेक्शन जारी करने में ही व्यस्त रहेगा।

बारिशके बाद घट जाती है मांग : विभागीयजानकारी के अनुसार मार्च के बाद से लेकर मानसून सीजन आने तक पानी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति को बहाल रखना भी विभाग के लिए एक चुनौती होता है। ऐसे में यदि नए कनेक्शन जारी भी कर दिए जाएं तो उस मांग के अनुसार पानी की उपलब्धता भी विभाग के पास नहीं रहती है। जिससे समस्या बढ़ जाती है। जबकि बारिश के बाद जलस्रोतों में पानी की आवक के साथ साथ विभाग के पेयजल स्रोतों में भी पानी के लेवल में सुधार हो जाता है।

^गर्मी के सीजन में विभाग की ओर से नए कनेक्शन जारी नहीं किए जाते हैं। यह स्थिति मानसून सीजन शुरू होने तक रहती है। क्यों कि गर्मी के मौसम में विभाग की पहली प्राथमिकता उपभोक्ताओं को समय पर पानी की आपूर्ति करना होता है। स्टाफ नए कनेक्शन जारी करने में व्यस्त होगा तो आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। रामनिवासमीणा, एसई, जलदाय विभाग, जालोर

13 में से 11 जेईएन के पद रिक्त

जालोरडिविजन में फिल्ड वर्करों को कॉर्डिनेट करने वाले जेईएन के स्वीकृत 13 में से 11 पद रिक्त है। इनमें जालोर में 4, आहोर में 3, सायला में 2 और जिला उपखंड में 2 पद खाली पड़े हैं। इस स्थिति में जेईएन के कार्य का दारोमदार संबंधित एईएन पर जाता हे। गौरतलब है कि जेईएन पर कंप्लेंट पर वर्किंग, मौका विजिट, हेल्पर से काम लेना, जरूरत पड़ने पर आवश्यक सामग्री मौके तक पहुंचवाना समेत पेयजल आपूर्ति बहाली का काम निर्भर करता है, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते दिक्कत है। इधर, गर्मी के मौसम में पेयजल से जुड़ी समस्याएं काफी अधिक आती है। ऐसे में यदि फिल्ड स्टाफ को नए कनेक्शन जारी करने में लगा दिया जाए तो पेयजल समस्याओं का निदान समय पर नहीं हो पाएगा, जिससे आमजन को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इन सभी स्थितियों को देखते हुए विभाग ने गर्मी के मौसम के लिए यह व्यवस्था कर रखी है।

विभाग की है यह व्यवस्था

अपै्रलसे मानसून सीजन तक नए कनेक्शन जारी नहीं करने का विभाग के पास कोई सरकारी या विभागीय आदेश नहीं है। लेकिन विभाग ने अपने स्तर पर ही यह व्यवस्था कर रखी है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिन जिलों में इस तरह के हालात हैं, वहां विभाग ने व्यक्तिगत स्तर पर ऐसी ही व्यवस्था कर रखी है ताकि गर्मी के मौसम में विभाग के अन्य कार्य प्रभावित होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पहली प्राथमिकता ही आमजन को समय पर पानी की आपूर्ति करना है।

जालोर डिविजन

{24लाख लीटर पानी उपलब्ध

{13 हजार जल कनेक्शन

{40 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति के अनुसार 96 घंटे में पानी की सप्लाई

भीनमालडिविजन

{25लाख लीटर पानी उपलब्ध

{10 हजार जल कनेक्शन

{50 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति के 48 घंटे में पानी की सप्लाई

सांचौरडिविजन

{30लाख लीटर पानी उपलब्ध

{8 हजार जल कनेक्शन

{60 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति के अनुसार 48 घंटे में पानी की सप्लाई

जालोर. शहरके गौड़ीजी क्षेत्र में घर में हो रही टैंकर से पानी की सप्लाई। भास्कर