सुरक्षा ऐसी कि...
सुरक्षा ऐसी कि...
देररात तक अभ्यर्थी शहर में चहल कदमी करते नजर आए। भीड़ अधिक कई अभ्यर्थियों को होटल धर्मशालाओं में रहने को जगह नहीं मिली। ऐसे में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड परिसर में युवाओं की भीड़ नजर आई।
गफलतमें गलत केंद्र पहुंचे निशक्त की पुलिसकर्मी ने मदद की : परीक्षाकेंद्रों को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति रही। एक निशक्त अभ्यर्थी का परीक्षा केंद्र शिवाजी नगर बालिका विद्यालय था। लेकिन वह उसके बजाय पास के परीक्षा केंद्र हायर सैकंडरी पहुंच गया। अभ्यर्थी के केंद्र तक पहुंचने की संभावित देरी को भांपकर एएसआई निरमा ने कांस्टेबल को खुद के स्कूटर की चाबी थमाई, जिस पर कांस्टेबल निशक्त को परीक्षा केंद्र तक छोड़कर आया।
यहांवीक्षक की गड़बड़ी से अभ्यर्थी को हुई दिक्कत : भीनमालके सीताबाई किशोरमल लूंकड राबाउप्रावि माघ कॉलोनी स्थित परीक्षा केंद्र में एक अभ्यर्थी को वीक्षक की गलती का खामियाजा उठाना पड़ा। पाली जिले के टेवाली निवासी अभ्यर्थी दिग्वेंद्रसिंह ने बताया कि उसका केंद्र भीनमाल के इस विद्यालय में आया था। निर्धारित समय में परीक्षा केंद्र में प्रवेश पा लिया, लेकिन जब ओएमआर शीट में कोड भरना था तो वीक्षक ने भूलवश नकल करते पकड़ा गया कोड में यह कोडिंग कर दी, जिस पर अभ्यर्थी ने वीक्षक को इसकी जानकारी दी तो वीक्षक ने स्वयं द्वारा गलती होने से इनकार किया। करीब आधे घंटे तक अभ्यर्थी द्वारा समस्या से अवगत करवाने पर ओएमआर शीट को बदला गया। अभ्यर्थी का कहना था कि इस देरी से उसका काफी समय बरबाद हो गया।
आहोर.पटवारभर्ती परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान भारी पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वाड सक्रिय रहे। जिसमें आहोर उपखण्ड अधिकारी प्रकाश चन्द्र अग्रवाल, तहसीलदार मनमोहन व्यास, आहोर थानाप्रभारी राजेश बाफना, लक्ष्मीनारायण उप कोषाधिकारी, ब्लॉक प्रारंभिक अधिकारी लहरीराम माली, हस्तीमल जीनगर की टीमों ने सभी आठों केंद्रों पर निरीक्षण करते रहे।
टेलपर गेज...
जल्दबाजी में जारी हुई बाराबंदी सूची में रह गई त्रुटियां : जवाईकमांड क्षेत्र में सिंचाई से वंचित रहे गेहूं के रकबो को सिंचित करवाने के लिए शनिवार को बाराबंदी सूची जारी की गई। लेकिन उसमें भी आनन फानन में गेंहूं के रकबे की जगह पर रायड़े के रकबे की बाराबंदी जारी हो गई। ऐसी स्थिति में बाराबंदी सूची से वंचित रहने वाले गेहूं के रकबे वाले किसानों को भूलवश रायड़े के रकबे के लिए जारी हुई बाराबंदी के समय का पानी दिलवाकर किसान एक दूसरे का सहयोग करने में जुटे हुए है। ताकि अपने साथी किसान के गेहूं की फसल सिंचाई के अभाव में जल जाए। इसी के साथ बाराबंदी में हुई त्रुटियों के चलते कोई किसान मानने को तैयार नहीं होते है। वहां पर प्रशासन, पटवारी, संगम अध्यक्ष जनप्रतिनिधी किसान को भाईचारे से समझाकर गेंहूं के रकबो वाले किसानों को पानी दिलवाने में लगे हुए है। इसी के साथ संगम अध्यक्ष, किसानों प्रशासन का पूरा पूरा प्रयास है कि कोई भी गेहूं का रकबा सिंचाई से वंचित नहीं रहे।
मॉनिटरिंगकरने के लिए बनाई गई है मोबाइल टीम : जवाईनहर से गेहूं के रकबो को व्यवस्थित रूप से सिंचित करवाने के लिए जवाई कमांड क्षेत्र में आई हुई जवाई नहर, माइनरों आऊटलेटो पर निगरानी के लिए 10 भू अभिलेख निरीक्षक, 20 पटवारी कृषि पर्यवेक्षकों के सभी टीमों के साथ साथ 2-2 पुलिस कर्मी तैनात किए गए है। वहीं टीमों द्वारा निगरानी करने के दौरान कोई कमी नजर नहीं आए इसके लिए दो मोबाइल टीम भी बनाई गई है। जिसमें सेदरिया हैड की उम्मेदपुर माईनर बीठिया वितरिका पर नायब तहसीलदार गुलाबसिंह चारण को मोबाइल टीम प्रभारी बनाया गया है। वही तखतगढ़ नहर माईनर गोगरा नहर माईनर पर मॉनिटरिंग के लिए भाद्राजून नायब तहसीलदार गुलाबसिंह को मोबाइल टीम प्रभारी बनाया गया है। इसी के साथ आहोर प्रभारी एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल आहोर तहसीलदार मनमोहन व्यास सारी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है।
डेढ़घंटे देरी...
यहांअधिवक्ता टीकमसिंह सिसोदिया, नंदकिशोर दवे रमेश सुखाडिय़ा से संपर्क कर सहयोग की गुहार करते हुए रोने लगा। जिस पर तीनों अधिवक्ताओं ने रोते हुए अभ्यर्थी हेमराज कुमावत को मूल दस्तावेजों के साथ उपखंड अधिकारी चूनाराम विश्नोई के समक्ष पेशकर केंद्राधीक्षक की ओर से परीक्षा से बाहर निकालने के बारे में अवगत करवाया। एसडीएम की ओर से दस्तावेजों की जांच में संतुष्ट होने पर केंद्राधीक्षक को परीक्षा में बिठाने के निर्देश दिए गए। तब तक करीब डेढ़ घंटा गुजर गया था। अभ्यर्थी हेमराज ने बताया कि केंद्राधीक्षक की ओर से दस्तावेजों की आधी-अधूरी जांच कर बाहर निकालने के कारण उसे मात्र डेढ़ घंटा ही मिला। इस कारण करीब 100 प्रश्न भी हल नहीं कर पाया। आधे प्रश्न हल होने के कारण अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से बाहर आते ही रोने लगा। बड़ी मुश्किल से लोगों ने सांतवना देकर शांत किया।
शौचालयकी...
ग्रामपंचायत की बैठक में इस मुद्दे पर प्रस्ताव लेकर कार्य शुरु किया तो एक समाज ने उपखंड अधिकारी से मिल कर शिकायत की थी जिसके बाद उपखंड अधिकारी ने कार्य को रुकवाकर विकास अधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। वहीं अधूरे निर्माण कार्य की शुक्रवार रात को अज्ञात लोगों ने दीवार तोड़ दी, जिसके बाद कस्बे में माहौल गरमा गया। इस संबंध में ग्राम पंचायत प्रशासन का कहना है कि दीवार तोड़ने वालों के खिलाफ राज कार्य में बाधा डालने नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज करवाया जाएगा।
ग्रामीणोंने उपखंड अधिकारी की शिकायत : कस्बेके ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त करते हुए उपखंड अधिकारी की पंचायत राज मंत्री सुरेंद्र गोयल को शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उपखंड अधिकारी पंचायत राज कार्य में बांधा डाल रहे है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन पंचायत की जमीन पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवा रहा है जबकि उपखंड अधिकारी अडंगा डाल कर निर्माण कार्य रुकवा रहे है।
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