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जिले के सरकारी अस्पतालों में महिला डॉक्टर्स की कमी, घट रहे डिलीवरी केस

5 वर्ष पहले
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सरकारीअस्पतालों में सभी तरह की सुविधाएं मौजूद होने के साथ प्रसूता को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद डॉक्टर्स की कमी के चलते लोग निजी अस्पतालों में डिलीवरी करवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इधर चिकित्साधिकारियों की नियमित मॉनीटरिंग नहीं होने तथा ब्लॉक मीटिंगों में एएनएम, आशा सहयोगिनियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से गर्भवती महिलाओं को सरकारी चिकित्सालयों में डिलीवरी करवाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करने से इस तरह के हालात बन रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली निशुल्क दवाइयों के अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की सुविधा के बावजूद परिजन महंगी फीस देकर निजी अस्पतालों में डिलीवरी करवा रहे हैं।

जिलेमें गायनिक डॉक्टर्स की 9 पोस्ट स्वीकृत, नियुक्ति केवल 2 की : जालोरजिले के सीएचसी पीएचसी में गायनोलॉजिस्ट डॉक्टर्स की कुल 9 पोस्ट हैं,मगर दो गायनोलॉजिस्ट ही नियुक्त हैं। जानकारी के अनुसार सांचौर, रानीवाड़ा, आहोर, जसवंतपुरा, सियाणा, सायला भीनमाल सीएचसी पर स्वीकृत पदों में से केवल भीनमाल सीएचसी में ही 1 गायनिक डॉक्टर कार्यरत है। वहीं जिला अस्पताल में सीनियर स्पेशलिस्ट गायनिक का पद लंबे समय से खाली पड़ा है। शेष| पेज 15



गायनिकमें पीजी कर चुके एक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सोहन कडाला गायनोलॉजिस्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं कुछ दिन पहले जैसलमेर से डॉ. उषा दुग्गड़ को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिला अस्पताल में लगाया गया है।

सरकारीयोजनाओं का लाभ लेने में भी नहीं रूचि : राजकीयचिकित्सा संस्थानों में डिलीवरी करवाने पर सरकार की ओर से प्रसूता को ग्रामीण क्षेत्रों में 1400रुपए तथा शहरी क्षेत्र में एक हजार रुपए दिए जाते हैं। वहीं लड़की होने पर शुभलक्ष्मी योजना के तहत 7100रुपए प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। मगर जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य की चिंता के चलते परिजन प्रोत्साहन राशि का मोह छोड़ निजी अस्पतालों में ही डिलीवरी करवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

^जिले में अधिकांश गायनोलॉजिस्ट के पद खाली होने के कारण लोग सरकारी की अपेक्षा निजी अस्पतालों में डिलीवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं बीसीएमओ को भी ब्लॉक मीटिंग में अपने-अपने क्षेत्र के लोगों को सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी करवाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। -डॉ.जीएस देवल, सीएमएचओ, जालोर

समय पर नहीं मिलता वर्क प्लान

विभागकी ओर से होने वाली ब्लॉक स्तरीय मासिक बैठक में अधिकारियों की ओर से एएनएम को समय पर वर्क प्लान नहीं मिलता, जिससे गर्भवती महिलाओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिलती। वर्क प्लान में गर्भवती महिला के टीकाकरण संभावित डिलीवरी डेट सहित सभी सूचनाएं होती है जिससे उन्हें गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती हैं।

नियमित मॉनिटरींग नहीं होना भी प्रमुख कारण

चिकित्साविभाग के अधिकारियों की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित मॉनीटरिंग नहीं करने से सहयोगी चिकित्साकर्मियों की ओर से गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहित करने वाली एएनएम, आशा सहयोगिनियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अधिकारियों के समय पर निरीक्षण नहीं करने से वे भी गर्भवती महिलाओं को राजकीय संस्थानों में डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित करने में भी रूचि नहीं दिखाती है।

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए निर्देशों का भी नहीं असर

जिलास्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर की ओर से सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने को लेकर सभी बीसीएमओ को हर बार निर्देश भी दिए जाते हैं।मगर संबंधित अधिकारियों की ओर से आदेशों की क्रियान्विति के लिए प्रयास तक नहीं किए जा रहे। जिससे सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी का ग्राफ दिनोंदिन कम होता जा रहा है।

महिला डॉक्टर नहीं होने से हिचकिचाते हैं ग्रामीण

जिलेके सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों सुविधाओं के अभाव में सामान्यतया गर्भवती महिला के परिजन डिलीवरी करवाने में हिचकिचाते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं लेडी डॉक्टर नहीं होने पर मेल डॉक्टर्स से डिलीवरी करवाने से कतराती है। वहीं निजी अस्पताल में लेडी डॉक्टर मिल जाने से ग्रामीण वहां डिलीवरी करवाने को प्राथमिकता देते हैं।

निजी अस्पतालों में बढ़ रहा डिलीवरी का ग्राफ (दिसंबर 2015 तक)

स्थान 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16

जिलाअस्पताल 1778 2029 2633 3185 3039 2097

सीएचसी 7099 7065 5778 6060 6094 5517

पीएचसी 7562 6955 6798 7195 6842 5393

सबसेंटर 6603 6570 6192 5881 5846 5139

संबद्ध निजी अस्पताल 8437 11426 12671 14793 17083 13968

निजी अस्पताल 2115 3870 5537 4766 4250 3327

घरेलू 5839 5449 5441 5200 3781 1147

कुल39433 43364 45050 47080 46935 36588

जालोर. जिलामुख्यालय पर स्थित स्वास्थ्य भवन।

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