यज्ञोपवित संस्कार से 19 बटुक अलंकृत
दवेमनावत कपिंजल परिवार की ओर से गुरुवार को स्थानीय बकस्थली माता मंदिर प्रांगण में यज्ञोपवित संस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बढ़-चढ़कर समाज के लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के तहत गुरुवार सवेरे मनावतों की कुल देवी मां बकस्थली के पूजन, श्रृंगार आरती के बाद 19 बटुकों को मुंडनोपरांत आचार्य उपेंद्र उपाचार्य नवीन की ओर से स्वस्ति पाठ, वैदिक मंत्रोच्चार पवित्र समिधाओं की आहुति के साथ यज्ञोपवित संस्कार से अलंकृत किया गया। इस दौरान परिजनों ने बटुकों को भिक्षादान दिया। सांयकाल में बटुकों की काशीयात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बटुक काशी में अध्ययनार्थ जाने की जिद करके दौड़ लगाते है मामा उनके पीछे भागकर उन्हें मनाकर लाता है। इससे पूर्व कपिंजल गौत्र परिवार के संरक्षक आनंदीलाल दवे, अध्यक्ष पारसमल, उपाध्यक्ष महेश भाई शिवदयाल दवे, महासचिव किशोर दवे कोषाध्यक्ष अशोक दवे की ओर से श्रीमाली समाज संस्था पुष्कर के अध्यक्ष चिरंजीलाल दवे, माघ सम्मान से सम्मानित आचार्य हिमाशंकर, युवा कार्यकर्ता माधव दवे और यज्ञोपवित के आचार्यों, श्रीमाली समाज की प्रतिभाओं बटुकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का समापन संत शिरोमणि कृष्णानंद महाराज की सानिध्यता में हुआ। इस अवसर पर महाराज ने वर्तमान युग में श्रेष्ठ जीवन मूल्यों एवं संस्कारों के संरक्षण को जरुरी बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञोपवित धारण करने वाले व्यक्ति को व्यसनों से मुक्त रहकर लोक कल्याण की कामना से जीवन निर्वहन करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डा. अरुण कुमार दवे ने किया। कार्यक्रम में राजस्थान गुजराज सहित देशभर से बड़ी संख्या में दवे मनावत कपिंजल गौत्र के लोगों ने भाग लिया।
भीनमाल. दवेमनावत कपिंजल गौत्र के यज्ञोपवित संस्कार में भाग लेते समाजबंधु।