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कार्यकाल का एक साल बीता अब भी नर्मदा नीर का इंतजार
जनताने जिन उम्मीदों के सहारे भाजपा को विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता दिलाई थी, उस सरकार के कार्यकाल का एक साल शनिवार को पूरा होने जा रहा है। जालोर विधानसभा क्षेत्र के विधायकों ने चुनाव से पहले जनता से जो वादे किए थे, उनमें से कुछ वादे तो पूरे हुए हैं लेकिन कई वादों का पूरा होने को लेकर जनता को अब भी इंतजार करना पड़ेगा। इनमें जिलेवासियों को नर्मदा का पानी उपलब्ध करवाने सहित अस्पताल स्कूलों में रिक्त पदों को भरे जाने का इंतजार है। इन दोनों बड़े मुद्दों के लिए तो पिछले कई महीनों से धरना प्रदर्शन और यहां तक की भूख हड़ताल तक की जा रही है। जबकि विधायक मात्र आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं कर पा रहे है। हालांकि केंद्र राज्य में एक ही पार्टी की स्पष्ट बहुमत वाली सरकार होने से जनता को जनप्रतिनिधियों की ओर से किए गए वादों के पूरा होने की उम्मीद बाकी है। इसके अलावा और भी कई मुद्दे है जिनको पूरे करने से जालोर विकास के नये आयाम छू सकता है।
आगे की कार्य योजना : नर्मदाका पानी आहोर तक लाने का कार्य प्रगति पर। विधानसभा क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों को आर्दश ग्राम पंचायत बनाना। आहोर स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण का काम।
आगे की योजना : गांवोंमें नर्मदा नहर का पानी उपलब्ध करवाना। फ्लोराइडयुक्त पानी वाले गांवों में आरओ प्लांट लगवाना। ग्राम पंचायतों में गौरव पथ निर्माण ग्रामीण परिवहन सेवा शुरू करवाना।
आगे की योजना : नर्मदापरियोजना का लाभ शहर के साथ ग्रामीणों को भी मिले। माही-बजाज परियोजना पर अमल, जालोर जिले को डार्कजोन से मुक्त करवाना। शहर में यातायात समस्या से निजात दिलाना।
क्या हुआ इन वादों का
{प्रत्येकग्राम पंचायत मुख्यालय पर उच्च माध्यमिक विद्यालय स्वीकृत
{52 नए ट्यूबवेल एवं 100 हैंडपंप स्वीकृत, 13 आरओ प्लांट 11 को स्वीकृति मिली
{पेयजल पाइप लाइन जीएलआर के लिए 140 लाख के कार्य स्वीकृत
क्या हुआ इन वादों का
{नर्मदापरियोजना का काम अभी भी अधूरा
{सीवरेज के लिए डीपीआर शहर में डिवाइडर का प्रस्ताव लिया
{जिले को डार्कजोन मुक्त करवाने के लिए अन्य विधायकों सांसद के साथ संयुक्त प्रयास जारी।
इनके ये थे वादे
{ग्रामपंचायत मुख्यालय पर उच्च माध्यमिक विद्यालय
{नए ट्यूबवेल/हैंडपंप एवं फ्लोराइडयुक्त पानी वाले स्थानों पर आरओ प्लांट लगवाना
{गावों में बिजली के लि