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केमिकल टैंक में गिरने से श्रमिक की मौत, दूसरा गंभीर
मालिक को मौके पर बुलाने की मांग
कंपनीगेट पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी मालिक को बुलाया जाए। इसके बाद ही प्रशासन से वार्ता की जाएगी। धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना था कि सुबह दस बजे की घटना है। इसके बावजूद पुलिस ने अभी तक कंपनी मालिक से बात नहीं की है।
रात को हुआ समझौता, मुआवजा तय
प्रदर्शनका पता लगने पर भिवाड़ी के एडीशनल एसपी चंद्रशील ठाकुर, डीएसपी विपिन शर्मा पुलिस दल के साथ मौके पर पंहुचे। पुलिस प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन ग्रामीण मांगों पर अड़े हुए थे। ग्रामीणों की मांग थी कि कंपनी मालिक को गिरफ्तार किया जाए, मृतक घायल युवक को उचित मुआवजा दिया जाए। रात को समझौता होेने पर लोग शांत हो सके। थानाधिकारी महेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार समझौता हो गया है। मृतक के परिजनों को कंपनी की ओर से 6 लाख रुपए, प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। घायल का इलाज कंपनी कराएगी तथा छह माह का वेतन देगी। मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
घटना के बाद चले गए कंपनी के अधिकारी
टैंकसे युवकों को बाहर निकालने वाले लोगों ने बताया कि घटना का पता लगने के बाद कंपनी मालिक मैनेजमेंट से जुडे़ लोग तुरंत कंपनी से निकल भागे। कंपनी में काम करने वाले श्रमिकों की पुकार पर आसपास के लोगों ने बड़ी मुश्किल से दोनों श्रमिकों को टैंक से बाहर निकाला। मैनेजमेंट तुरंत हरकत में आता तो दोनों युवकों को समय पर इलाज मिल जाता और जान बच सकती थी।
केमिकलकी जानकारी नहीं
कंपनीमें कौनसा केमिकल बनता है किसी को भी नहीं पता। कंपनी के श्रमिकों ने बताया कि टैंक में कई तरह के केमिकलों को मिला कर एक केमिकल बनाया जाता है। इसे आईपीए केमिकल कहा जाता है। ग्रामीणों की यह भी मांग है कि कंपनी में बनाए जाने वाले घातक केमिकल की जांच कराई जाए।
भास्कर न्यूज | टपूकड़ा
औद्योगिकक्षेत्र खुशखेड़ा की एक कंपनी में सफाई के दौरान दो श्रमिक केमिकल टैंक में गिर गए। इनमें से एक श्रमिक की मौत हो गई है, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शव कंपनी गेट पर रखकर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीण कंपनी मालिक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। श्रमिक की मौत केमिकल टैंक में बनी गैस के चलते दम घुटने