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मनुजता पाना दुर्लभ

7 वर्ष पहले
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भिवाड़ी| जूनापीठाधीश्वरस्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मानव शरीर को देव दुर्लभ बताया है। उन्होंने कहा है कि मानव के लिए देव होना दुर्लभ नहीं है, बल्कि मनुजता पाना दुर्लभ है। हम मानव शरीर में ही मानव शरीर में अन्त:कर्ण को ईश्वर भक्ति के अनुकूल बना सकते हैं। चित्त की वृतियों को अपने अनुकूल बना सकते हैं, अपने विचारों को मानवता के अनुरूप बना सकते हैं। अपने विकारों को दूर कर सकते हैं। यह सब मानव शरीर में ही मानव के संकल्प द्वारा संभव है।

वे मोहनराम बाबा के मंदिर काली खोली पर गुरूवार को बाबा मोहनराम कथा सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। कथा व्यास स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि मानव मन के विकार प्रमाद, लोभ आदि के कारण अपने वास्तविक स्वरूप से अंजान है। भागवत कथा श्रवण से हम अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं। मन को अपने नियंत्रण में करना मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर विधायक ज्ञानदेव आहूजा, भाजपा जिला अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह पाटा, भाजपा नेता संदीप दायमा आदि मौजूद थे। इससे पहले स्वामी अवधेशानंद गिरि ने भिवाड़ी पहुंचने के बाद मोहनराम बाबा मंदिर में बाबा की पवित्र अखंड ज्योति के दर्शन किए। सुबह कथा स्थल से बाबा मोहनराम परिक्रमा मार्ग पर 551 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली गई।

भिवाड़ी. भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर िनकाली गई शोभायात्रा में शामिल महिलाएं।

भिवाड़ी. प्रवचन देते स्वामी अवधेशानंद।