डेढ़ साल बाद फिर जांच के आदेश
डेढ़साल पहले पुलिस जीप की टक्कर से हुई साइकिल सवार बालक की मौत के मामले में पुलिस को एक बार फिर से जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने इसे झूठा मानते हुए चार माह बाद एफआर लगा दी थी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने कोर्ट की शरण ली तो कोर्ट ने इसकी फिर से जांच का आदेश देते हुए एफआर निरस्त कर दी। लेकिन कोर्ट आदेश आने के एक साल बाद भी इस मामले में जांच पूरी नहीं हो पाई है। स्थानीय भिवाड़ी थाना क्षेत्र के हरचंदपुर चौक के पास तीस मई 2013 को पुलिस की जीप ने कुरबान अली(13) उर्फ दिलशाद पुत्र वारिस अली निवासी सांथलका को टक्कर मार दी। जिसके बाद इसी जीप में पुलिस ने बालक को भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर बालक को गुडगांवा रैफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान बालक की छह जून को मौत हो गई। इसके बाद मृतक के भाई सरवर ने सात जून को पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज कराया। लेकिन करीब चार माह बाद अक्टूबर में पुलिस ने इस मामले में एफआर लगा दी। पुलिस का कहना था कि मृतक कुरबान पुलिस की जीप देखकर घबरा गया था जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। पुलिस की जीप ने बालक को टक्कर नहीं मारी। इसके बाद मृतक के भाई सरवर ने कोर्ट की शरण ली तो जनवरी 2014 में कोर्ट ने इस मामले में एफआर निरस्त करते हुए फिर से जांच के आदेश दिए लेकिन कोर्ट के आदेश के एक साथ बाद भी इस मामले में पुलिस अभी तक जांच शुरू नहीं कर पाई है। इस संबंध में जांच अधिकारी एएसपी किरण कंग ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। शीघ्र ही इसकी जांच रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।