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बिना अनुदेशक के चार साल से चल रही है आईटीआई
प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित
राजकीयऔद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पर विभिन्न ट्रेडों के लिए अनुदेशकों का अभाव होने के चलते व्यवस्था बिगड़ने लगी है। केंद्र पर प्रशिक्षण के लिए लाखों रुपए की मशीनें तो लगा दी गई लेकिन अनुदेशकों के अभाव में प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। केंद्र पर वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए संविदा पर अनुदेशक लगाए गए हैं। केंद्र पर संचालित आईटीआई के पांच ट्रेडों में से तीन पर संविदा पर अनुदेशक लगे हुए हैं। केंद्र पर प्राचार्य का पद भी लंबे समय से रिक्त है।
करीब 26 साल पहले भिवाड़ी में शुरु हुई आईटीआई में शुरुआत में फिटर और इलैक्ट्रोनिक ट्रेड प्रारंभ किए गए। इसके बाद करीब चार साल पहले वर्ष 2010 में यहां तीन और ट्रेडों को मंजूरी मिली। जिसके बाद वेल्डर, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल के लिए भी यहां प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। लेकिन चार साल बीतने के बाद भी इन ट्रेडों पर अनुदेशकों की स्थाई नियुक्ति नहीं होने के कारण तीनों ही ट्रेड संविदा पर लगे अनुदेशकों के भरोसे चल रहे है।
^यहां 2010 में तीन नए ट्रेड खोले गए। नए शुरु हुए ट्रेडों के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से अनुदेशकों की नियुक्ति नहीं हुई। जिसके चलते उसके लिए अभी तक संविदा पर लगाए गए अनुदेशक ही काम कर रहे हैं। राजेन्द्रयादव, एलडीसी,आईटीआई, भिवाड़ी
आईटीआई कॉलेज में प्राचार्य का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके अलावा समूह अनुदेशक, लेखाकार और लिपिक सहित अन्य कई पद लंबे समय से रिक्त है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में संचालित आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
भिवाड़ी. आईटीआई में अध्ययनरत छात्र। (फाइल फोटो)