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जुलूस के रुप में पहुंचे दीपदान करने

7 वर्ष पहले
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भूपालसागर| कार्तिकस्नान व्रतधारी युवक-युवतियां, ग्रामीण आजाद चौक स्थित चारभुजा मंदिर पर रंगबिरंगी फूलों से सजी जहाज लेकर पहुंचे। वहां से गाजे बाजे जयकारों के साथ जुलूस तालाब पर पहुंचा। पूजा अर्चना कर दीपक प्रज्जवलित कर उन्हें तैराए गए। बुल, मीणा पाडा, रावतिया, पारी, डाबर, खेडली, टांडा, उसरोल, लूणेरा, बडी में भी व्रतधारियों ने दीपदान किया। टांडा बालाजी सेवक देवीलाल गुर्जर बताते हैं कि कई सालों से चली रही परंपरा के अनुसार भोपा हजूरिया प्रमुख स्थान के श्रद्वालु कार्तिक माह के व्रत करते हैं और भोर होने से पहले बावजी की प्रतिमा को स्नान कराते हैं। रात्रि को भजन, कीर्तन के साथ ही स्नान कर रात्रि विश्राम करते हैं। व्रतधारी भोपाओं को व्रत खोलने की परंपरा से होडाहोड रहती है। इसमें बुल, टांडा, हडमतिया, बालद, रामाखेडा, खेडली, फलासिया सहित कई गांव के लोग व्रत खोलने के लिए न्यौता देते हैं। एक माह का समय और हजारों यात्रियों की संख्या के कारण माह की समाप्ति पर एक ब्रह्मभोज का आयोजन रखा जाता है।

महादेवजीकी निकाली सवारी (अरनोद):पूर्णिमा महोत्सवपर गौरेश्वर महादेव की सवारी निकाली गई। कार्तिक मास में प्रतिदिन सुबह शाम को रामधुन का आयोजन किया जा रहा था।

देवालयों में विशेष पूजा अर्चना

आकोला.क्षेत्रमें कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्घा के साथ मनाया गया। व्रत करने वाली महिलाएं युवतियां गुरुवार शाम तालाब में बांस की टांटियां बनाकर उसमें दीप जलाकर पहुंचे और तालाब के पानी में प्रवाहित किया। देवालयों में पूजा अर्चना हुई। जवाहरनगर स्थित मत्स्या तालाब पर फानूस के बने जहाज पर आटे से निर्मित दीप प्रज्जवलित कर दीपदान किया।