यह मतदान की कतार नहीं, खाद की मारामारी
भरतपुर. यह समय फसलों में सिंचाई का है। फसल में पानी देने के समय यूरिया खाद डालने की जरूरत होती है। इस कारण किसान यूरिया खाद के लिए परेशान हैं। दिनों दिन यूरिया खाद की मांग बढ़ने और सप्लाई कम होने से जिले में यूरिया खाद के लिए मारामारी है। किसानों को खाद के लिए पुलिस के डंडे तक खाने पड़ रहे हैं। वहीं व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को थानों में यूरिया खाद की पर्चियां काटनी पड़ रही है। यही कारण है कि सोमवार को कुम्हेर, भुसावर तथा नदबई सहित अन्य स्थानों पर थानों में किसानों की लंबी लाइन लगी। कुम्हेर थाने में यूरिया के लिए महिलाओं को भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। वहीं नदबई में किसानों को यूरिया के लिए सुबह ही तहसील में लाइन में लगना पड़ता है। किसानों की चिंता है कि लाइन में इंतजार नहीं किया तो खाद आने पर उन्हें नहीं मिल पाएगा। यूरिया की किल्लत के चलते किसानों को महंगे दामों में भी खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।