- Hindi News
- National
- गार्गी अवार्ड : पुरस्कार पाने में आधे से भी ज्यादा निजी स्कूल की छात्राएं
गार्गी अवार्ड : पुरस्कार पाने में आधे से भी ज्यादा निजी स्कूल की छात्राएं
सीईओ-एक्सईएन को 3-4 बार कहने पर भी काम नहीं हो रहे
प्रभारीमंत्रीअर्जुनलाल गर्ग ने जिले में चल रहे सरकारी कार्यों और योजनाओं की समीक्षा ली। इस दौरान सामने आई हकीकत से वे काफी नाराज दिखे। प्रशासनिक बैठक में कलेक्टर इंद्रजीतसिंह, एडीएम अशोक कुमार, सीईओ परशुराम धानका ने मंत्री को सरकारी कार्यों की प्रगति और भावी कार्ययोजना बताई। विधायक सुशील कटारा ने नरेगा में काम स्वीकृत नहीं होने पर नाराजगी जताई। कहा कि मैंने कुछ गांवों में काम स्वीकृति के लिए कहा था। मैं सीईओ और एक्सईएन नरेगा से भी मिला, लेकिन काम स्वीकृत नहीं होते हैं। उनकी बात पर विधायक गोपीचंद मीणा ने भी हामी भरी। इस दौरान सीईओ और एक्सईएन सफाई देते रहे।
विधायक ने कहा कि उन्होंने मांडली उपली, पोहरी खातुरात, नईबस्ती बड़गामा, मांडली उपली, गाड़ा पट्टापीठ गांवों में कार्य स्वीकृति के लिए 3-4 बार व्यक्तिगत मिलकर कहा, लेकिन काम स्वीकृत नहीं हुए। विधायक मीणा ने कहा कि काम स्वीकृत होने में जहां से देरी हो रही है, उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर मंत्री ने सीईओ से जानकारी मांगी है।
बैठक में जिला प्रमुख माधवलाल वरहात, विधायक देवेंद्र कटारा और विधायक अनिता कटारा भी मौजूद थे। मंत्री ने उपखंडवार चर्चा कर क्षेत्रीय विधायकों से इन प्राथमिकताओं के बारे में पूछा। विधायक देवेन्द्र कटारा ने वागदरिया बांध के स्थान पर एनिकट बनाने की जरूरत बताकर कहा कि यदि यहां बांध बनाया जाए तो क्षेत्र के लिए हितकारी होगा। इसी प्रकार विधायक सुशील कटारा ने स्वीकृत बांध बोर का भाटड़ा के निर्माण पूर्ण करवाने का आह्वान किया तो विधायक गोपीचंद ने 144 गांवों में फ्लोराइडमुक्त पेयजल के वितरण के लिए बनाई गई योजना के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर सिंह ने जिले में बंद पड़ी डेयरी को शुरू करवाने और सोलर लैंप बनाकर वितरण की योजना के बारे में प्रभारीमंत्री को अवगत कराया।
मजदूर नहीं मिल रहे, टारगेट पूरे नहीं हो रहे, जनता काे कैसे लाभ मिलेगा : मंत्री
मनरेगा: विधायकसुशील कटारा ने कहा कि नरेगा में पहले 2 से 2.30 लाख श्रमिक काम करते थे, वहां अब 88 हजार लेबर ही काम रहे हैं।
ऑनलाइनसीडिंग : प्रभारीमंत्रीने कहा-भामाशाह, आरोग्य राजस्थान, राशन कार्ड और पेंशन जैसे ऑनलाइन सीडिंग कार्य में हम काफी पीछे, जो टारगेट सरकार ने दिए, वे आप पूरा नहीं कर पाए हैं। बिछीवाड़ा जिले में सबसे पीछे रहा।
जलस्वावलंबन: चिन्हित11 हजार से अधिक कार्यों की डीपीआर तैयार, लेकिन अभी तक 1 हजार काम ही शुरू हो पाए हैं। प्रभारीमंत्री ने नाराजगी जताकरर कहा कि सबसे अधिक काम स्वीकृत करने में डूंगरपुर तीसरे नंबर पर है, लेकिन उस अनुपात में दूसरे जिलों की अपेक्षा काम शुरू नहीं हो पाए। योजना से जुड़े एक्सईएन ने बताया कि जो डीपीआर तैयार की गई, उसके मुताबिक 103 करोड़ रुपए कम है।
श्रमिकोंका पंजीयन : मंत्रीने जब जिले में श्रमिकों के पंजीयन की जानकारी ली तो यह आंकड़ा महज सात हजार ही था। मंत्री ने कहा कि जिस जिले में 3 लाख से अधिक नरेगा श्रमिक काम करते हैं, वहां श्रमिकों की संख्या मात्र 7 हजार ही है। ऐसे नहीं हो सकता है। श्रमिक कल्याण को लेकर सरकार 1200 करोड़ रुपए खर्च करना चाह रही है, लेकिन यहां पात्र लोग ही नहीं मिल रहे हैं।
भामाशाहबीमा योजना : रैफरकरने वाले रोगियों की संख्या सिर्फ 563 रोगी ही थे। उनमें से भी यह जानकारी नहीं थी कि निजी अस्पताल में कितने गए। मंत्री ने कहा कि इस योजना में सरकार बीमा कंपनी को 600 करोड़ रुपए दे चुकी है।
{कक्षा बारहवीं में कुल चयनित बच्चियां की : 99
{सरकारी स्कूलों की बच्चियां :75
{निजी स्कूल की बच्चियां : 24
{कुल चयनित बच्चियां कक्षा 10 वीं की वर्ष 2014-15 की : 220
{सरकारी स्कूलों की बच्चियां :54
{निजी स्कूल की बच्चियां : 166
{कुल चयनित बच्चियां कक्षा 10 वीं की वर्ष 2013-14 : 151
{सरकारी स्कूलों की बच्चियां :52
{निजी स्कूल की बच्चियां : 99
डंूगरपुर। महारावल उमावि में गार्गी और प्रियदशर्नी पुरस्कार देने के बाद ग्रुप फोटो सेशन कराया गया।
प्रभारी मंत्री अर्जुनलाल गर्ग अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए।