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नाबालिग का अपहरण कर 1 लाख रुपए में बेचा

6 वर्ष पहले
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डूंगरपुर। एकसाल पहले एक नाबालिग का अपहरण कर गुजरात ले जाने और उसे एक लाख रुपए में बेच देने का मामला सामने आया है। एक साल बाद नाबालिग के हाथ में मोबाइल लगा, तो उसने परिवार के लोगों को फोन कर इसके बारे में बताया। इस पर परिवार के लोग उसे घर लेकर आए और अब 11 जनों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

जानकारी के अनुसार 17 वर्षीय पीड़िता ने रिपोर्ट देकर बताया है कि दिसंबर, 2013 में आमझरा निवासी राकेश, बीरबल, नरसी, नवाडेरा निवासी शारदा और कनबई निवासी ललिता उसका अपहरण कर गुजरात के बायड़ गांव में ले गए। जहां उसे एक घर में रखा गया। राकेश नाबालिग का भाई बना, बीरबल काका, नरसी पिता, शारदा मां और ललिता मासी बनकर उसका सौदा करने लगे। गुजरात के बायड़ गांव के पास ही बोर टेंबा में रायजी की प|ी बनाने के लिए एक लाख रुपए में उसे बेच दिया। रायजी के परिवार के उदा, प्रताप, हरचंद, कनू और भवान के साथ सौदा तय हुआ। इसके बाद नाबालिग को रायजी को बेचकर आरोपी वहां से वापस गांव गए।

इधर, नाबालिग के गायब होने पर उसके पिता गांव में और आसपास तलाश करते रहे। रिश्तेदारी में भी उसकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। आखिरकार एक साल बाद नाबालिग के हाथ में एक मोबाइल लग गया। जिससे उसने अपने परिवार के लोगों से संपर्क किया और घटना के बारे में जानकारी दी। इस पर परिवार के लोग वहां गए और उसे वापस लेकर अपने घर गए। पीड़िता ने आपबीती सुनाई और बिछीवाड़ा थाने में सभी 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित नाबालिग को 8 माह का गर्भ भी है।