पुण्य का बैलेंस बनाएं, पाप से बचे
बिजयनगर. जैनसंत सौम्यदर्शन जी म.सा. ने कहा कि जीवन में हमें पाप से बचना चाहिए और पुण्य रूपी खाते में बेलेंस बनाने का पुरूषार्थ करना चाहिए। वे शनिवार को यहां प्राज्ञ भवन में आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाप का घड़ा जब भर जाए तो दशा कैसी होती है, यह सभी जानते हुए भी अनजान बनते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह रात्रि में संत विहार नहीं करते वैसे श्रावकों को व्यर्थ में यात्रा नहीं करनी चाहिए ताकि जीवों की विराधना ना हो। रविवार को भिक्षु दया का आयोजन किया जाएगा।