माता-पिता को प्रणाम से जीवन में चमत्कार
संतचंद्रप्रभ सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार ओम् का उच्चारण करने से वातावरण अध्यात्म से परिपूर्ण हो जाता है ठीक उसी प्रकार एक-दूसरे को प्रणाम करने से परिवार का वातावरण आनंदमय हो जाता है। यदि जीवन में चमत्कारिक परिणाम चाहिए तो माता-पिता को नित्य प्रणाम करना शुरू कर दीजिए।
वे शुक्रवार को यहां कृषि उपज मंडी प्रांगण में दिव्य सत्संग माला काे संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले व्यक्ति कितना ही बड़ा क्यो ना हो जाता अपने माता-पिता के साथ रहता था लेकिन विडंबना है कि आज संयुक्त परिवार टूट चूके है अोर बेटा शादी करते ही अलग हो जाता है। प्रणाम करने की आदत जब से कम हुई परिवार टूटने और तलाकों की बाढ़ सी गई है। परिवार के सभी लोग एक थाली में खाना खाए इससे प्रेम वात्सल्य का संचार होगा। इससे पूर्व मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष कन्हैयालाल खाब्या, भंवरलाल कोठारी, ज्ञानचंद सिंघवी, नरेन्द्र बड़ौला, राजेन्द्र पामेचा, ज्ञानचंद कोठारी, लॉ पुखराज तातेड़, संजीव कोठारी सहित अन्य दीप प्रज्वलित कर सत्संग माला का शुभारंभ किया।
संतों ने किया ब्यावर के लिए विहार
संत ललितप्रभ सागर, चंद्रप्रभ सागर शांति मुनि ने ब्यावर विहार किया। वे शनिवार को जालिया द्वितीय रविवार को रामगढ़ से रतनपुरा होते हुए ब्यावर में मंगलप्रवेश करेंगे। जहां 15 16 दिसंबर को जवाहर भवन में दो दिवसीय सत्संग माला को संबोधित करेंगे।
बिजयनगर. कृषि उपज मंडी प्रांगण में धर्मसभा में उपस्थित जनसमूह।