ताकि सरहद के प्रहरियों को मिले राहत
रानीखेत ट्रेन शहरवासियों की जरूरत ही नहीं उनका हक है। भले ही इस ट्रेन की जरूरत यहां के व्यापारियों को हो लेकिन इस ट्रेन के ब्यावर स्टेशन पर रुकने का इंतजार उनको भी है जो हमारे लिए सरहद पर दिनरात चौकसी करते हैं। हम बात कर रहे हैं सेना के उन जवानों की जो हजारों की संख्या में इस मगरे से इसी ट्रेन में बैठकर जाते हैं। लेकिन उनको रानीखेत ट्रेन को पकड़ने के लिए अजमेर जाना पड़ता है। यदि इस ट्रेन का ठहराव ब्यावर में हो जाए तो हमारे जाबांज सैनिकों को जैसलमेर सहित अन्य स्थानों पर जाने के लिए अजमेर तक का सफर करने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। कम से कम रेल मंत्री किसी के लिए ना सही हमारे क्षेत्र के जवानों की खातिर अपने रेल बजट में रानीखेत ट्रेन रोकने की घोषणा करते हैं तो शहरवासियों को इस पर गर्व होगा।
जनचेतनामंच सेन समाज मुहिम में शामिल
संस्थाके पदाधिकारियों ने शनिवार को अपने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मंडल रेल प्रबंधक के नाम ज्ञापन स्थानीय स्टेशन अधीक्षक को सौंपा। ज्ञापन में ना केवल रानी खेत बल्कि गरीब रथ, पोरबंदर-मुजफ्फरपुर, मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस ट्रेनों के ब्यावर स्टेशन पर ठहराव की मांग की। अध्यक्ष धर्मीचंद शर्मा ने कहा कि 29 अगस्त 2013 से 22 सितंबर 2013 तक 25 दिन तक रानीखेत एक्सप्रेस का ठहराव स्थाई रूप से ब्यावर में हुआ था। इससे रेलवे को राजस्व भी संतोषजनक मिला था। फिर भी प्रशासन द्वारा इसका ठहराव नियमित नहीं किया गया। पचीस फरवरी को ब्यावर के सभी संगठनों, संस्थाओं की एक सामूहिक सभा कर रूपरेखा तय की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में महावीर बाफना, हरिकिशन, महेंद्र बोहरा, राजेंद्र अग्रवाल, गोपाल हरचंदानी, दिलीप सेन, नरेंद्र, रमेश यादव, कन्हैयालाल सोनी, लक्ष्मणदास गुरनानी, गोपाल साहू, किशोर अजमेरा, रामेश्वर गहलोत, संजय नाहर, केवल किशोर शर्मा, मोहन मुंशी, संजय सिंह, जयसिंह राजपुरोहित,रामेश्वर लाल सेन, धर्मीचंद साहू, भागचेंद जेसवानी, कपिल टांक, राकेश चपलोत, लीलीराम खत्री, लक्ष्मण सिंह, प्रदीप खंडेलवाल, राजेंद्र सेन, लीलीराम खत्री अादि शामिल थे। सेन समाज के लोगों ने भी रेलमंत्री को पत्र लिखकर रानीखेत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की। पत्र लिखने वालों में दिलीप बड़गुर्जर, पिंटू हर्षवाल, संदीप भाटी, बीआरसेन, नेमीचंद, जितेंद्र राठौड, मयंक सेन, देवेंद्र, अजय, संपत, कन्हैयालाल आदि शामिल थे। राजस्थान लघु एवं सामयिक समाचार पत्र संपादक परिषद ने भी रेलमंत्री को पत्र लिखकर रानीखेत ट्रेन के ठहराव की मांग की। परिषद के अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा कि ब्यावर का पूरा क्षेत्र भाजपा बाहुल्य है। चाहे सांसद हो या विधायक, सभापति हो या प्रधान। सभी जनप्रतिनिधि भाजपा के हैं। केंद्र प्रदेश में प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकारें हैं।
ब्यावर. स्टेशन अधीक्षक से रानीखेत रोकने की मांग करते जनचेतना मंच पदाधिकारी।