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सथाना में सेरेमिक हब की तैयारी

7 वर्ष पहले
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बिजयनगर. सथाना पंचायत की वह भूमि जिसे सेरेमिक हब के लिए चिन्हित किया है।

भास्कर न्यूज|बिजयनगर

नजदीकीसथाना ग्राम पंचायत में शामिल करीब 613 बीघा बीड़ की भूमि पर सेरेमिक हब स्थापित हाेने की अब प्रबल संभावनाएं बन गई है। विभाग ने उक्त भूमि को प्रस्तावित सेरेमिक हब के लिए उपयुक्त माना है। ऐसे में बिजयनगर के औद्योगिक विकास के रास्ते भी अब खुलते नजर रहे है।

बिजयनगर आस पास के क्षेत्र में औद्योगिक विकास की प्रबल संभावनाएं है। अब से पहले यह क्षेत्र औद्योगिक विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था। सरकार ने हाल ही में सेरेमिक हब बनाने के क्रम में क्षेत्र में प्रयास शुरू कर दिए है। जिले में सेरेमिक हब की कवायद में सथाना की 613 बीघा भूमि चिन्हित की जा चुकी है। रीको के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक डीपी जाटव, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक वाईएम माथुर क्षेत्रिय प्रबंधक डीआर पाटन के साथ पहुंची विशेष टीम कुछ दिन पहले उक्त चिन्हित भूमि का अवलोकन कर चूकी है। उक्त भूूमि को अवलोकन करने पहुंची टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी हुई होने गैस पाइप लाइन नजदीक से गुजरने की लिहाज से सबसे उपयुक्त माना है। विभागीय टीम ने बिजयनगर के नजदीक बड़ली की करीब 2200 बीघा भूमि का अवलोकन किया था।

उद्योगसंघ ने जताई आवश्यकता : प्रदेशमें सेरेमिक हब की स्थापना को लेकर बिजयनगर पहुंचे अधिकारियों से स्थानीय उद्योग संघ अध्यक्ष विमल धम्माणी सचिव अंकित तातेड़ भी रूबरू होकर सेरेमिक हब राष्ट्रीय राजमार्ग 79 से महज 1 किमी दूरी पर स्थित सथाना ग्राम पंचायत की करीब 613 बीघा भूमि पर स्थापित किए जाने की मांग की है।

मिलेगाफायदा : मसूदाबिजयनगर के आस पास क्षेत्र में मिनरल्स की काफी खदानें है। जहां से खदान कर मिनरल्स को बाहर भेजा जाता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ही सेरेमिक हब स्थापित होने की दशा में परिवहन इत्यादि में व्यवसायियों को फायदा मिलेगा।

कच्चेमाल की पर्याप्त उपलब्धता :खनन केपर्याप्त स्त्रोत आस पास के 40 किमी रेडियस में कच्चा माल उत्पादनकर्ता को सहज सुलभ हो जाएगा। आस पास में प्रचूर मात्रा में इसकी खदानें है। वहीं क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता भी एक कारण माना जा रहा है।

^जिले में सेरेमिक हब के लिए सथाना की भूमि को उपयुक्त माना है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। -डीपीजाटव, वरिष्ठउप महाप्रबंधक-रीको