ग्रामीण बोले-पटवारी गांव में नहीं आता
बुहाना | पुहानियाके बाशिंदों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर पटवारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। सरपंच, उप सरपंच, पंचों समेत ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन की फोटाेप्रति कलेक्टर को भी भेजी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी रामेश्वरलाल मीणा पंचायत मुख्यालय पर बहुत ही कम रहता है। इस कारण ग्रामीणों राजस्व संबंधी कामों के लिए पटवारी को ढूंढते फिरते हैं। ऐसे में आर्थिक नुकसान और समय की बरबादी होती है। काम के बदले घूस मांगने लोगों से दुर्व्यवहार का भी आरोप पटवारी पर लगाया गया है। ग्रामीणों ने पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सरपंच मालाराम, उप सरपंच ओमादेवी, वार्ड पंच मुकेशदेवी शर्मा, सुमनदेवी, कंवरसिंह, शशिकला, राजेंद्र, सत्यपाल, इंद्रपाल, हवासिंह, रामसिंह, बीरेंद्रकुमार, लालदेवी, कैलाश, रामस्वरूप, फूलचंद आदि शामिल थे।
^लोगों के काम पेंडिंग रखने काम के बदले रुपए मांगने की शिकायत पर पटवारी को कई बार समझा चुके हैं। उस पर कोई असर नहीं पड़ा। पंचायत मुख्यालय पर नहीं आने से किसानों को परेशानी हो रही है। किसानों को छोटे से काम के लिए बुहाना तहसील मुख्यालय तक दौड़धूप करनी पड़ती है। -मालाराम यादव, सरपंच पुहानिया
^पुहानियाके लोगों ने पटवारी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है। मामले की जांच के लिए भू-अभिलेख निरीक्षक नरेशकुमार शर्मा को निर्देश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -बृजेशकुमार, तहसीलदार बुहाना
केस 1 हरिरामने बताया कि उसके दादा के नाम पर जमीन है। लंबे समय से इंतकाल चढ़ाने के लिए चक्कर लगा रहा है लेकिन पटवारी सुनवाई नहीं कर रहा और काम के बदले दो हजार रुपए मांग कर रहा है।
केस2 चंद्रभानके मुताबिक उसकी मां मिश्रीदेवी की मौत हो चुकी है। पटवारी के पास इंतकाल चढ़वाने गया तो पहले टालमटोल की। बार-बार चक्कर लगाने पर पांच हजार रुपए देने के बाद इंतकाल चढ़ाने की बात कही।
केस3 पुहानियाके रामचंद्र के मुताबिक वह अपनी पेंशन के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए पटवारी के पास गया था। उसने पांच सौ रुपए मांगे। रुपए नहीं देने पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।