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शिल्पी ही नहीं त्यागी भी थे विश्वकर्मा

7 वर्ष पहले
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भारतीयमजदूर संघ ने रानीजी की बावड़ी के कार्यालय में बुधवार को विश्वकर्मा जयंती मनाई।

श्रम गीत के बाद संगठन मंत्री देवीलाल जांगिड़ ने कहा कि विश्वकर्मा एक शिल्पी ही नहीं बड़े त्यागी थे। देवता और दानवों के युद्ध के समय महर्षि दधीचि की हड्डियों से विश्वकर्मा ने वज्र का निर्माण किया। कार्यक्रम में संरक्षक हरिनारायणसिंह भाटी, हम्माल मजदूर संघ के राधाकिशन गुर्जर, मुकेश, गणेशी बाई, शैफाली भटनागर, बद्रीलाल शृंगी, अध्यक्ष पवन अग्रवाल, किशनलाल और ओम त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

देई.हाडौतीनिर्माण श्रमिक यूनियन सीटू देई द्वारा बुधवार को विश्वकर्मा महाराज की शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा तलाई वाले बालाजी महाराज के यहां से शुरू होकर विवेकानंद सर्किल, मुख्य बाजार, गढ़ का चौक, चारभुजा चौक, प्रकाशी कुई, पुराना थाना होते हुए बाबा बख्तावरसिंहजी महाराज के मेला प्रांगण पहुंची।

शोभायात्रा में घोडिय़ों पर सवार ध्वजवाहक, नृत्य करते यूनियन के सदस्य सहित विश्वकर्मा महाराज की प्रतिमा की झांकी शामिल थी। इससे पूर्व बांसी रोड पर विश्वकर्मा महाराज मंदिर की भूमि पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा की शुरूआत की।

हिंडौली.विश्वकर्माजयंती पर ग्राम कालामाल में जीवीके बेस कैंप पर पूजा-अर्चना की गई।

पं. गोपाल शर्मा के सानिध्य में फोरलेन पर कार्य करने वाले प्रोजेक्ट मेनेजर शशिभूषण सिंह, मेनेजर संदीप रेड्डी, राजेंद्र प्रसाद, पाणीगीरी, सुमन डे, सागार डे, संदीप राय, गोपाल प्रजापत सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

देई। शोभायात्रा में शामिल विश्वकर्मा महाराज की प्रतिमा की झांकी।