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देख-रेख के अभाव में बेकार हो गए लाखों के काम

7 वर्ष पहले
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हाड़ौती सर्किट के तहत नवल सागर झील के पास बनाए पाथवे की उखड़ी फर्शी, टाॅयलेट टूूरिस्ट भवन की स्थिति खराब

ध्यान नहीं दिया परिषद ने

^नगरपरिषद द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से टाॅयलेट टूरिस्ट भवन की स्थिति खराब हो गई है। वित्तीय वर्ष में नवलसागर झील पर नए कार्य करवाए जाने हैं। साथ ही पूराने कामों का जीर्णाद्धार भी करवाएंगे। - प्रेमशंकरसैनी, सहायकपर्यटन अधिकारी बूंदी

सार्थकप्रयास करेंगे

^टाॅयलेटटूरिस्ट भवन की स्थिति को सुधारने के लिए जल्द ही सार्थक प्रयास किए जाएंगे। साथ ही साथ इसकी देखरेख भी की जाएगी। ताकी पर्यटकों को किसी भी तरह की परेशानी हो। - रेखामीणा, आयुक्तनगर परिषद

टूरिस्ट भवन के सबसे बुरे हालात

नवलसागर झील पर बनाए पाथवे की फर्शियां कई जगह पर पूरी तरह से गायब हो गई।

भास्कर न्यूज. बूंदी

पर्यटकोंकी सुविधा के लिए कराए गए काम देखरेख के अभाव में अस्तित्व खोने लगे है। हाड़ौती सर्किट के तहत नवलसागर झील के आसपास पर्यटन विभाग की ओर से केंद्रीय परिवर्तित योजना के तहत देशी-विदेशी पर्यटकों को सुविधा देने के उद्देश्य से कई काम करवाएं गए थे, लेकिन वास्तविकता यह है कि पर्यटकों को सुविधा मिलने के बजाय और परेशानी से दो चार होना पड़ता है।

हाड़ौती सर्किट के तहत राज्य सरकार ने नवलसागर झील पर अलग-अलग कार्यों के लिए वर्ष 2005 में 22 लाख 88 हजार रुपए स्वीकृत किए थे। इससे यहां पाथवे बनाया गया। साथ ही वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल, विदेशी पर्यटकों के लिए टॉयलेट ट्यूरिस्ट भवन बनाया गया। वर्ष 2008 में करीब 17 लाख रुपए की लागत से यह काम पूरे हुए। इनमें से टॉयलेट ट्यूरिसट भवन की देखरेख का जिम्मा नगर परिषद को सौंपा गया था।

अभीये हैं हालात

नवलसागरझील के एक और लंबा चौड़ा पाथवे बनाया गया। इस पाथवे से झील, गढ़ पैलेस, तारागढ़ नजर आता है। हालात यह है कि पाथवे पर लगाई गई फर्शियों का कुछ जगह तो नामोनिशान तक नहीं है। कुछ जगह फर्शिया उखड़ी हुई है तो कुछ जगह पर कीचड़ फैला हुआ है। ऐसे में विदेशी पर्यटक पाथवे पर कुछ दूरी तक चलने के बाद ही वापस लौट जाते है। ऐसी स्थिति में पार्किंग स्थल का भी कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है।