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प्रोबेशन काल पूरा, फार्मासिस्टों को नियमित वेतन नहीं

7 वर्ष पहले
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बूंदी. जिलाअस्पताल समेत जिले भर के अस्पतालों में लगे 18 फार्मासिस्टों को प्रोबेशन काल पूरा होने के तीन माह बाद भी उन्हें नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फार्मासिस्ट संघ के जिलाध्यक्ष कमलकांत नामा, जाकिर हुसैन, उमाशंकर गौतम आदि ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी आदि में अगस्त 2012 में फिक्स वेतन 11 हजार 200 रुपए में लगे थे। इन सभी का प्रोबेशन काल अगस्त माह में ही खत्म हो गया। उसके बाद अभी तक भी इन्हें नियमित वेतन श्रंखला के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। नियमित वेतन श्रंखला के अनुसार वेतन दिलाने की मांग को लेकर फार्मासिस्ट यहां के प्रशासन से लेकर चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ से मिल चुके है, लेकिन अभी तक इनको पुराने वेतन ही मिल रहा है। संघ के जिलाध्यक्ष नामा ने बताया कि मरीजों के प्रति मानवता दिखाते हुए वे मांग मनवाने के लिए धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि बड़े आंदोलन का मार्ग नहीं चुन रहे है, लेकिन सरकार ने शीघ्र उनकी मांग पूरी नहीं की तो आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष माधवप्रसाद विजयवर्गीय ने सरकार से फार्मासिस्टों को नियमित वेतन श्रंखला का लाभ देने के लिए पत्र लिखा है

वेतनस्थायीकरण की मांग

देई.राजस्थानराज्य कर्मचारी महासंघ तहसील शाखा नैनवां ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी बूंदी से तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012 में चयनित शिक्षकों का प्रोबेशन काल पूरा होने पर वेतन स्थायीकरण की मांग की है। महासंघ अध्यक्ष रमेशकुमार शर्मा ने बताया कि 2012 के तृतीय श्रेणी शिक्षकों का प्रोफेशनल काल पूरा हुए दो माह का समय पूरा हो गया है। इसके बावजूद शिक्षकों का वेतन स्थायीकरण नहीं किया गया है। लेखा नियमों के अनुसार कर्मचारियों की दो साल की सेवा संतोषजनक होने पर वेतन स्थायीकरण के सभी लाभ दिए जाए। वहीं वित्त विभाग के आदेशों के अनुसार संतोषजनक सेवा पूरी करने वालों को नियमित सेवा पूरी करने वालों को नियमित वेतन श्रृंखला देने का प्रावधान है। इसके बावजूद शिक्षकों को लाभ नहीं दिया जा रहा है। महासंघ ने मुख्य कार्यकारी से शिक्षक भर्ती के शिक्षकों का वेतन स्थायीकरण करने की मांग की है।