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कांग्रेस के सत्येंद्र मीणा बने बूंदी उप जिला प्रमुख
पंचायतीराजचुनाव 2015 के तीसरे चरण में रविवार को उपजिला प्रमुख जिले की पांचाें पंचायत समितियों में उपप्रधान के चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए। बूंदी उप जिला प्रमुख का पद कांग्रेस के सत्येंद्र मीणा के नाम रहा। उन्हें 13 मत मिले और भाजपा की संतोष मीणा को 10 मत मिले हैं। उल्लेखनीय है कि शनिवार को जहां भाजपा के दो सदस्यों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था वहीं रविवार को कांग्रेस के एक सदस्य ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। इससे एक दूसरी पार्टी में आपस में सेंधमारी साफ झलकी है।
विदित रहे कि जिला परिषद में कांग्रेस के 14 भाजपा के 9 सदस्य चुने गए थे। कमोबेश ऐसा ही नजारा केशवरायपाटन में देखने को मिला है। यहां प्रधान का पद कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद भाजपा की झोली में गया था, लेकिन उपप्रधान का पद कांग्रेस ने आज नहीं जाने दिया। यहां कांग्रेस के अमृतलाल को 12 भाजपा के सुनील को 11 मत मिले हैं। इस पंचायत समिति में इतने ही सदस्य दोनों पार्टियों के जीते थे। रविवार को हुए चुनाव में मतगणना के बाद लोगों को एक बार फिर उलटफेर देखने को मिली है। उधर, तालेड़ा में अमित कुमार निर्विरोध उप प्रधान चुने गए हैं। वहीं हिंडौली में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह को 17 भाजपा की संजू सैनी को 6, नैनवां में कांग्रेस की सीमा नागर को 12 भाजपा के बनवारी लाल को 7, केशवरायपाटन में कांग्रेस के अमृतलाल को 12 भाजपा के सुनील को 11 तथा बूंदी में कांग्रेस की सावित्री को 9 भाजपा के महेंद्रकुमार को 6 मत मिले हैं।
जनताकी समस्या के लिए संघर्षरत रहूंगा
उपजिलाप्रमुख का चुनाव जीतकर मतदान स्थल से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान सत्येंद्र मीणा ने कहा कि जनता और प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उस पर खरा उतरूंगा। लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा। मेरे निर्वाचन क्षेत्र समेत जिले भर के लोगों की समस्याओं के लिए हमेशा संघर्षरत रहूंगा। किसी पर कोई अत्याचार हुआ तो उसे न्याय दिलाने मेंं कोई कसर नहीं छोडूंगा। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट ने प्रदेश भर में युवाओं पर भरोसा किया है। जनता भी चाहा है। ऐसे में लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में पीछे नहीं हटेंगे। शिक्षा, चिकित्सा, बिजली-पानी की व्यवस्था सुचारू करवाएंगे। किसानों के लिए तत्पर रहूंगा।
शुरूसे ही तय सा था सत्येंद्र मीणा का नाम
जिलापरिषद सदस्य बनने के बाद से ही कांग्रेस में सत्येंद्र मीणा का नाम उपजिला प्रमुख के लिए तय सा हो गया था। जिला प्रमुख के चुनाव होते ही मीणा का नाम की औपचारिक घोषणा ही बाकी रह गई थी। हालांकि इस पद के लिए महेश दाधीच ने भी दावेदारी रखी थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसके लिए छात्र जीवन से ही पार्टी के प्रति सक्रिय रहे सत्येंद्र मीणा को प्राथमिकता दी।
समर्थकोंने जीत के बाद कंधों पर उठा लिया
शामचार बजे जीत कर प्रसन्न मुद्रा में अन्य सदस्यों के साथ नवनिर्वाचित उपजिलाप्रमुख सत्येंद्र मीणा बाहर निकले तो उन्हें प्रदेश के युवा नेता समृद्ध शर्मा, चर्मेश शर्मा आदि ने कंधों पर उठा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सत्येंद्र मीणा जिंदाबाद के नारे जमकर लगाए। बाद में वे पूर्व महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता शर्मा के घर के लिए जीप से रवाना हो गए।
कांग्रेसकी सीमा नागर चुनी नैनवां उपप्रधान
नैनवां.पंचायतसमिति में उपप्रधान की सीट भी कांग्रेस के पास ही रही है। यहां गत चुनाव में उपप्रधान पद पर भाजपा के यशपाल मीणा चुने गए थे, लेकिन इस बार बाजी पलट गई और उपप्रधान पद पर कांग्रेस की सीमा नागर चुनी गई है। सीमा नागर को 12 भाजपा के बनवारीलाल बैरवा को 7 मत मिले। सीमा को 5 मतों से विजयी घोषित किया गया। उपप्रधान के लिए कांग्रेस के सभी 12 पंचायत समिति सदस्य दोपहर 3.20 बजे मतदान करने पह़ुंचे। इसके बाद 3.25 बजे भाजपा के 7 सदस्य मतदान करने आए। मतदान समाप्ति के बाद 3.45 बजे मतों की गणना कर परिणाम घोषित किया गया। रिटर्निंग अधिकारी (एसडीएम) डॉ. नरेंद्र चौधरी ने शपथ दिलाई। परिणाम की घोषणा के बाद पंचायत समिति के बाहर आते ही नवनिर्वाचित उपप्रधान को कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों ने फूलमालाओं से लाद दिया और उन्हें जुलूस के रूप में विधायक कार्यालय तक लाया गया। चुनाव के दौरान डीएसपी वीरेंद्र जाखड़, सीआई सुभाष पूनिया, देई सीआई अनिल पांडेय, करवर थानाधिकारी नारायणसिंह मय जाब्ते के मौजूद रहे। पंचायत समिति में नवनिर्वाचित प्रधान प्रसन्न बाई मीणा, उपप्रधान सीमा नागर ने कहा कि क्षेत्र में महिलाओं का पिछड़ापन दूर करने के लिए महिलाओं को जागरुक करेंगी तथा शिक्षा से जोड़ा जाएगा, बच्चे-बच्चियों को शिक्षित करने के लिए प्रेरित करेंगी। साथ ही स्वच्छता के लिए कार्य करेंगी।
उपप्रधानकी पृष्ठभूमि
नवनिर्वाचितउपप्रधान सीमा नागर बीए पास हैं और प्राइवेट एमए की पढ़ाई कर रही हैं। इनके ससुर राधाकिशन नागर जरखोदा सहकारी समिति के अध्यक्ष, ताऊ ससुर सरपंच पंसस रह चुके हैं, जबकि उनके पति राकेश धाकड़ विद्युत प्रसारण निगम रानी में कार्यरत हैं।
शेषपेज 14 पर
विधायक के क्षेत्र में मैदान में भी नहीं उतरे प्रत्याशी
बंूदीसे भाजपा के विधायक अशोक डोगरा इन चुनावों में सक्रिय दिखाई नहीं दिए। स्थिति यहां तक रही कि उनके निर्वाचन क्षेत्र तालेड़ा में भाजपा की ओर से प्रधान ही नहीं उपप्रधान का प्रत्याशी तक नहीं उतरा। इससे कई भाजपाइयों में निराशा भी रही। सूत्रों के अनुसार सुबह से ही कुछ भाजपाइयों के चेहरे खिले हुए थे।
दोपहर3.10 बजे आए भाजपा के सदस्य
उपजिलाप्रमुख चुनाव के लिए रविवार को भाजपा के सभी नौ सदस्य मतदान करने जिला परिषद परिसर स्थित अटल सेवा केंद्र में दोपहर 3.10 बजे आए। उसके बाद एक कांग्रेस की महिला सदस्य सवा तीन बजे आई और वोट डालकर चली गई। वह बाहर गेट तक एक युवा कांग्रेस नेता के साथ आई थी।
शामपौने चार बजे आए 13 कांग्रेस सदस्य
बंूदीजिले के नवनिर्वाचित उप जिलाप्रमुख चुनाव के लिए रविवार शाम करीब पौने चार बजे सत्येंद्र मीणा समेत कांग्रेस के 13 सदस्य दो जीपों में आए और 3.50 बजे मतदान करने के लिए अंदर कमरे में गए। करीब 4 बजे जीत के साथ बाहर निकले।
कोटाके बाद बंूदी में छाप छोड़ी
नवनिर्वाचितउपजिलाप्रमुख सत्येंद्र मीणा कांग्रेस के अग्रिम संगठन एनएसयूआई मेंें काफी लंबे समय से कोटा संभाग ही नहीं प्रदेशभर भर में सक्रिय है। कोटा में तो यूथ की राजनीति में काफी वजूद है। बंूदी जिले में पहली बार जिला परिषद सदस्य चुनकर आए और यहां की राजनीति में छा गए। पार्टी नेतृत्व ने उनकी सक्रियता वफादारी देखकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं।
बूंंदी। सत्येंद्र मीणा के बूंदी उप जिला प्रमुख चुने जाने पर विजयी मुद्रा में कांग्रेसी।
केशवरायपाटन। नवनिवार्चित उपप्रधान के साथ बाहर आते कांग्रेस सदस्य।
नैनवां। उपप्रधान सीमा धाकड़।
तालेड़ा। नवनिर्वाचित प्रधान, उपप्रधान का विजयी जुलूस निकालते कार्यकर्ता।
हिंडौली। कस्बे में नवनिर्वाचित प्रधान ममता गुर्जर उपप्रधान राजेंद्रसिंह के साथ का जुलूस निकालते कार्यकर्ता।