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नैनवां में मिली स्वाइन फ्लू की संदिग्ध रोगी
कस्बेके वार्ड नंबर 18 निवासी सुनीता जैन के शनिवार को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने के बाद रविवार को चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद चिकित्सा विभाग ने शहर में नौ टीमें लगाकर घर-घर सर्वे कराया है।
इन टीमों ने शहर में 1437 घरों का सर्वे किया है। इनमें सामान्य खांसी, जुकाम के 139 रोगी सामने आए। इनमें कैटेगरी के 24 रोगी माने गए। इनकों सामान्य खांसी, जुकाम, बुखार की दवा दी गई। जबकि शहर के वार्ड नंबर 17 भवानी नगर निवासी 14 वर्षीय विशाखा को स्वाइन फ्लू बी केटेगरी का रोगी मानकर लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की दवा दी गई है।
बीसीएमएचओ डॉ. जीएल नागर ने बताया कि सुनीता जैन के स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने पाए जाने पर उसके आस-पास के 100 घरों का शनिवार को सर्वे किया था।
पॉजीटिव रोगी के परिवार के 13 सदस्यों को स्वाइन फ्लू रोकथाम की दवा दी गई है।
अस्पतालमें स्वाइन फ्लू कक्ष बनाया: सरकारीअस्पताल में स्वाइन फ्लू रोगियों के लिए अलग से कक्ष बनाया गया है तथा नैनवां अस्पताल में नियुक्त दोनों डॉक्टरों के अवकाश पर होने के कारण उनके आने तक बांसी के डॉ. केके गोयल, समीधी के डॉ. डीएन शर्मा, बामनगांव के डॉ. एमएल मीणा गुढादेवजी डॉ. आरती जैन को नैनवां अस्पताल बुलाया गया है।
प्रतिरोधकक्षमता बढ़ाने के लिए दवा पीने उमड़ी भीड़: बूंदी. रोटरीक्लब की ओर से रविवार को रेडक्राॅस भवन में स्वाइन फ्लू की बीमारी से बचाव, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए होम्योपैथी दवा पिलाई गई। दवा पीने के लिए सुबह से ही यहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक अशोक डोगरा ने लोगों को दवा पिलाकर किया। यहां पांच काउंटर बनाए गए थे। रोटरी क्लब के माध्यम से लाउड स्पीकर पर दवाई पीने आने वाले लोगों काे इस बीमारी से बचने के उपाय की जानकारी दी गई। रोटरी क्लब अध्यक्ष मनमोहन धाबाई, सचिव लोकेश ठाकुर, रोटेरियन विमल भंडारी, महेंद्र जैन, केसी वर्मा, नंदकिशोर जाजू, अनिल शर्मा, नारायण झंवर, विश्वनाथ शृंगी, धीरजसिंह, कृष्णा दाधीच, जकीउद्दीन बोहरा, मौजी नुवाल, महेश पाटोदी, हाशम, चंद्रभानु लाठी, इदरीस बोहरा, विजयराजसिंह, सत्यनारायण सारस्वत, सुनील जैन, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय प्रभारी डॉ. प्यारासिंह, डॉ. भूपेंद्रसिंह, डॉ. रणवीरसिंह, डॉ. लोकेश महावर सहित कई समाजसेवी लोगों ने अपनी सेवाएं दी। सचिव लोकेश ठाकुर ने बताया कि शिविर लगभग 21 हजार महिला, पुरुष बच्चों ने दवा पी है।
काढ़ापीने उमड़ी भीड़: बूंदी. लंकागेटस्थित अमर शहीद सुभाष भारत गैस एजेंसी पर रविवार को स्वाइन फ्लू की रोकथाम संबंधी काढ़ा पिलाया गया।
संचालिका बबीता शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए शिविर लगाकर नीम, गिलोय, श्यामा तुलसी मिश्री से बना काढ़ा बनाकर लोगों को नि:शुल्क वितरण किया गया। साथ ही इसे बनाने का नुस्खा भी बताया। यह काढा पतंजलि के योग ऋषि बाबा रामदेव द्वारा बनाया गया है। इसको पीने से किसी भी तरह के बुखार, स्वाइन फ्लू की रोकथाम होती है। चार घंटे चले शिविर में करीब 1700 लोगों को काढ़ा पिलाया गया। इस दौरान लोगों को सरकार की डीबीटीएल योजना गैस से सुरक्षा के उपाय भी बताए।
आजकल पिलाएंगे काढ़ा: बांसी. कस्बेमें स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए 9 10 फरवरी तक काढ़ा पिलाया जाएगा। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकैलाश मीणा ने बताया कि मुख्य बाजारों में जलदाय विभाग की टंकी के नीचे सुबह 10 बजे से काढ़ा पिलाया जाएगा। उन्होंने कस्बे के सभी सरकारी निजी स्कूलों में बच्चों स्टाफ को काढ़ा पीने का आह्वान किया है।
तीनस्थानों पर पिलाया स्वाइन फ्लू निरोधक काढ़ा: नैनवां. स्वाइनफ्लू की रोकथाम के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भारत विकास परिषद, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय, सेवा भारती, श्रीजी आयुर्वेद के सहयोग से रविवार को शहर के आयुर्वेद अस्पताल, देईपोल, बस स्टैंड पर काढ़ा (क्वाथ) पिलाया गया। काढ़ा पीने के लिए लोग उमड़ पड़े। इन स्थानों पर करीब चार हजार महिला, पुरुष, बच्चों को काढ़ा पिलाया गया। आयुर्वेदिक चिकित्सालय गढ़पोल में भगवान धनवंतरी के पूजन के बाद बीडीओ जीएल वर्मा, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीतसिंह, सेवा भारती अध्यक्ष भवानीसिंह सोलंकी, पूर्व पार्षद संजय प्रधान ने काढ़ा पिलाकर शुभारंभ किया। देईपोल में राधेश्याम सैनी, बस स्टैंड पर रमेश गुप्ता के नेतृत्व में काढ़ा पिलाया गया। सोमवार से 11 फरवरी तक सुबह 10 से एक बजे तक आयुर्वेदिक चिकित्सालय में काढ़ा पिलाया जाएगा। काढ़ा तैयार करने में स्टाफ सदस्य रामपाल सेन, ताराचंद, कस्तूरी बाई ने सहयोग किया।
इनकेमिश्रण से बनता है काढ़ा: डॉ.रणजीतसिंह ने बताया कि गिलोय, अडूसा, लोंग, काली मिर्च, हल्दी, गुड़ को गर्म पानी में उबाल कर काढ़ा बनाया जाता है। आयुर्वेद में इसे क्वाथ कहते हैं। यह विशेषकर सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार में उपयोगी औषधि के रूप में कार्य करता है।
स्वाइनफ्लू की रोकथाम के प्रयास जारी
बूंदी.जिले में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए रविवार को जिले के सभी सीएचसी, पीएससी के आेपीडी में 4 हजार 772 रोगियों की जांच की गई। जिसमें से आईएलआई के एक हजार 281, केटेगरी में एक हजार 220 और बी केटेगरी में 61 रोगी चिन्हित हुए हैं। साथ ही 2 हजार 125 घरों का सर्वे किया गया, जिनमें आईएलआई केटेगरी के 62-62 रोगी चिन्हित किए गए। सीएमएचओ केसी मीणा ने बताया कि जिले में अब तक 25 हजार 789 घरों को सर्वे का किया जा चुका है, जिसमें केटेगरी के एक हजार 513 रोगी और बी केटेगरी के 340 रोगी पाए गए हैंं। उन्होंने बताया कि अब तक ओपीडी में 54 हजार 567 रोगियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिसमें से आईएलआई के 12 हजार 192, केटेगरी के 11 हजार 811 एवं बी केटेगरी के 381 रोगी पाए गए हैं।