नियम पड़े भारी, नहीं मिल रहे सिलेंडर
डायरेक्टबेनीफिट ट्रांसफर स्कीम से नहीं जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को इन दिनों गैस सिलेंडर के लिए तरसना पड़ रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं को संबंधित गैस कंपनियों द्वारा फरवरी माह से ही गैस सिलेंडर नहीं देने के निर्णय से जिले के करीब 30 हजार उपभोक्ता गैस सिलेंडर से वंचित हो रहे है। अब वे इसके लिए संबंधित गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे है।
सरकार गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए गत साल से डायरेक्ट बेनीपिट ट्रांसफर स्कीम शुरू की थी। इसके तहत उपभोक्ताओं को अपने खाते संबंधित गैस एजेंसी से लिंक कराने है। इसके बाद सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी सीधे ही उपभोक्ताओं के बैंक खाते में जानी है, लेकिन जिले में इस स्कीम को उपभोक्ताओं ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके लिए दो-तीन बार अवधि भी बढ़ाई। आखिरी बार सरकार ने इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2015 रखी।
फिर भी इस पर उपभोक्ताओं ने जागरुकता नहीं दिखाई। 31 जनवरी 2015 तक करीब 69 प्रतिशत उपभोक्ता ही जुडे़। इस पर गत दिनों गैस कंपनियों ने गंभीरता दिखाई अौर 1 फरवरी से तो ऐसे उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर देना ही बंद कर दिया।
उसके बाद उपभोक्ताओं इस स्कीम से जुड़ने में रुचि दिखाई। फिर भी 10 फरवरी तक 74 प्रतिशत अर्थात जिले के एक लाख 20 हजार 854 उपभोक्ताओं में से 90 हजार 5 उपभोक्ता ही जुडे है। अभी भी करीब 30 हजार उपभोक्ता इस स्कीम से नहीं जुड़े है।
कुछ दिन तो यकीन नहीं हुआ सप्लाई बंद का
गैसकंपनियों ने इस स्कीम से नहीं जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं देने की बरती गई सख्ती पर सप्ताहभर तो उपभोक्ता यकीन ही नहीं कर पाए। उसके बाद भी गैस सिलेंडर नहीं आया तो उपभोक्ता गैस एजेंसियों से संपर्क कर स्थितिकापता किया। उसके बाद उपभोक्ताओं ने इससे जुड़ने में दिलचस्पी दिखाई। शहर की उपभोक्ता ममता कारोलिया ने बताया कि कंपनियों को एकायक सिलेंडरों की आपूर्ति बंद नहीं करनी चाहिए। इससे उपभोक्ताओं का आवश्यक कामकाज ही रुक गया है।
अभीतक 74 प्रतिशत उपभोक्ता जुडे़
^केंद्रकी नई स्कीम के तहत अभी तक जिले के 74 प्रतिशत उपभोक्ता इस स्कीम से जुडे हंै। गैस कंपनियों ने इस स्कीम से नहीं जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर देना बंद कर दिया है। यह उच्च स्तर से हो रहा है। वैसे इस स्कीम से जुड़ने काफी पारदिर्शता रहती है। उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं उठानी पडे़, इसके प्रयास होंगे। -शिवजीराम जाट, इंस्पेक्टर,रसद विभाग, बंूदी
बूंदी। कोटा रोड स्थित गैस एजेंसी पर डीबीटीसी से जुड़ने के लिए फार्म भरते उपभोक्ता।