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बाबुओं की गलती की सजा भुगत रहे ग्रामीणों को अब मिलेगी राहत

4 वर्ष पहले
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सरकारीबाबुओं की एक गलती के कारण नैनवां तहसील की पीपलिया पंचायत के गांव सबलपुरा के लोगों पर भारी पड़ी। रिकॉर्ड में गलती से सबलपुरा को रामगढ़ वन अभयारण्य में मान लिया गया।

पर अब अभयारण्य के सहायक वन संरक्षक विजयपालसिंह की चिट्‌ठी से स्पष्ट हो गया कि यह गांव अभयारण्य सीमा में है ही नहीं। ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि इस खुलासे के बाद जल्द सरकारी सुविधाओं का लाभ उन्हें मिलने लगेगा। बूंदी-नैनवां स्टेट हाइवे की दांई दिशा में यह गांव बसवा हुआ है, पर वन विभाग के बाबुओं की एक गलती से इसे रामगढ़ अभयारण्य में दर्शाया हुआ था। राजस्व रिकॉर्ड में भी यही दर्ज हो गया। हुआ यह कि अभयारण्य सीमा में पड़नेवाले फजलपुरा गांव को गलती से सबलपुरा समझ लिया गया और रिकॉर्ड में भी फजलपुरा की जगह सबलपुरा लिख दिया गया।

अभयारण्य सीमा में मान लेने के कारण दशकों से यहां मूलभूत सुविधाओं के साथ ही विकास कार्य ठप थे। 20 मई 1982 के गजट नोटिफिकेशन में यह गांव अभयारण्य सीमा में शामिल नहीं था। पर बाद में रिकॉर्ड में यह गलती हुई।

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