तपते मन को हरि का नाम ही ठंडक दे सकता है
बूंदी|बाईपास रोडस्थित गुरुद्वारा श्रीलंगर साहिब में रूहानी गुरमत समागम के तीसरे अंतिम दिन शनिवार को रतवाड़ा साहिब चंडीगढ़ से आए बाबा लखबीरसिंह ने रूहानी कथा कीर्तन से संगत को आत्म विभोर कर दिया। प्रभु का नाम हृदय में बस जाता है। चंदन, चांद, शरद ऋतु की ठंडक भी मन को ठंडा नहीं कर सकती है। इस तपते मन को हरि का नाम ही ठंडक दे सकता है। गुरमत समागम के बाद गुरु का लंगर बरताया गया। प्रधान गुरनामसिंह, उपप्रधान सुरेंद्रसिंह, इंद्रजीतसिंह, अवतारसिंह, बलवीरसिंह ने जत्थे अन्य सेवादारों को सिरपाओं दिए। जसवीरसिंह, गुरदियालसिंह, परमजीतसिंह, प्रगटसिंह कमेटी के सदस्यों ने लंगर सेवा संभाली। यह जानकारी मुख्य ग्रंथी कृपालसिंह ने दी।