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गेहूं की अच्छी पैदावार से सोयाबीन का घाटा पूरा होने की उम्मीद
अधिक बारिश होने से घाटे का सौदा साबित हुई खरीफ में सोयाबीन की फसल की भरपाई अब किसानों को रबी की फसल गेहूं से होने की उम्मीद है। इस बार गेहूं का लक्ष्य जिले में 2 लाख 37 हजार हैक्टेयर था। इसके मुकाबले अभी तक एक लाख 43 हजार हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है और यह चल भी रही है।
कृषि विभाग के अनुसार गेहूं बुवाई का रकबा डेढ़ लाख हैक्टेयर पहुंचने का पूरी संभावना है और प्रति हैक्टेयर में 50 क्विंटल पैदावार के हिसाब से जिले में 75 लाख गेहूं की पैदावार होगी। यह बाजार में बिकता है, तो प्रति क्विंटल औसतन 1500 रुपए भाव के हिसाब से सवा ग्यारह करोड़ रुपए किसानों की जेब में आएंगे। ऐसे में यह फसल मुनाफे की साबित होगी। किसानों का कहना है कि इस बार सबकुछ ठीक रहा, तो प्रति हैक्टेयर औसतन 50 क्विंटल से गेहूं की पैदावार होने की उम्मीद है। उधर, पैदावार अच्छी होती है, तो आने वाले दिनों में शहर के बाजारों में भी अच्छी रौनक रहेगी।
फसलों को पानी पर्याप्त मिलने पर बनी उम्मीद
सोयाबीन से हुआ था नुकसान:किसानों कोखरीफ में सबसे अधिक बोई जानी वाली सोयाबीन की फसल में घाटा लगा था। प्रति हैक्टेयर में 12-13 क्विंटल ही सोयाबीन की पैदावार हुई थी। इसके बेचने पर किसानो को खाद-बीज के रुपए भी नहीं मिले थे। अब किसान गेहं की बंपर आवक की उम्मीद लगा बैठे है।