श्रम विभाग के चक्कर लगा रहे मजदूर
मजदूरोंको राहत देने के लिए श्रम विभाग ने योजनाएं तो बहुत चला रखी है, लेकिन इन योजनाओं का मजदूरों को पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। श्रमिक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए 6-6 महीने से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
विवाह सहायता, एक्सीडेंट क्लेम, श्रमिक डायरी के नवीनीकरण, साइकिल प्राप्त करने के लिए मजदूर हर दिन विभाग के चक्कर काट रहे हैं। परेशान मजदूर आए दिन विभागीय अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते। लेकिन, व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता। विभागीय अधिकारी काफी समय से स्टाफ की कमी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। यहां सरकार ने श्रमिकों को राहत पहुंचाने के लिए कोटा कार्यालय से सुनील कुमार शर्मा को सप्ताह में दो दिन मंगलवार बुधवार के लिए कार्यवाहक जिला श्रम अधिकारी के रूप में लगा रखा है, लेकिन यह अधिकारी भी श्रमिकों को स्पष्ट जवाब नहीं देते। बुधवार को काफी श्रमिक बालचंदपाड़ा स्थित जिला श्रम कार्यालय पहुंचकर अधिकारी मिले। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मैं मेरे हिसाब से काम करूंगा। इस दौरान वहां पंहुचे भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष माधवप्रसाद ने बताया 50 से अधिक आवेदन 6 माह से अधिक समय से विवाह सहायता अनुदान के पेंडिंग पड़े है। श्रमिकों को साइकिलें नहीं मिल रही। नए श्रमिकों की डायरियां नहीं बन रही है। इलेक्ट्रिकल यूनियन बूंदी के अध्यक्ष शिवकुमार हरियाणा, समेत विजय कुमार ,केशवरायपाटन के माेहम्मद सलीम ने बताया कि कार्यालय में श्रमिकों के हितों के काम नहीं हो रहे हैं। अधिकारी सप्ताह में दो दिन आते और खानापूर्ति करके चले जाते। इन सब समस्या पेडिंग फाइलों की जानकारी भास्कर रिपोर्टर ने लेनी चाही तो सुनील शर्मा ने उच्चाधिकारी द्वारा मना करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
^मुझेसमाचार पत्रों मैं खबर देने के लिए उच्चाधिकारियों ने मना कर रखा है। मैं तो सप्ताह में मात्र दो दिन आता हूं और अधिक से अधिक काम निपटाने की कोशिश करता हूं। - सुनीलशर्मा, कार्यवाहकजिला श्रम अधिकारी, बंूदी
भास्कर न्यूज | बूंदी
मजदूरोंको राहत देने के लिए श्रम विभाग ने योजनाएं तो बहुत चला रखी है, लेकिन इन योजनाओं का मजदूरों को पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। श्रमिक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए 6-6 महीने से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
विवाह सहायता, एक्सीडेंट क्लेम, श्रमिक डायर