अगर कानून की पढ़ाई करनी है तो स्टूड्ेंटस को बूंदी से बाहर जाना पड़ेगा
बूंदी। पीजी कॉलेज परिसर में स्थित राजकीय विधि महाविद्यालय बूंदी।
भास्कर न्यूज|बूंदी
कानूनकी पढ़ाई करनी है तो आपको बूंदी से बाहर जाना पड़ेगा। कारण, बूंदी में छह साल से लॉ कॉलेज में प्रवेश बंद है। बूंदी लॉ कॉलेज में आखिरी बार वर्ष 2009-10 में प्रवेश दिया गया था। उसके बाद से यहां पर नियमों की पेचीदगी के चलते कॉलेज में प्रवेश बंद कर दिया गया है।
वर्तमान में कॉलेज में स्टॉफ के नाम पर मात्र एक वरिष्ठ लिपिक (यूडीसी) कार्यरत है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित मापदंड पूरे नहीं हो पाने के कारण इस कॉलेज में शिक्षा सत्र 2009-10 के बाद प्रवेश बंद कर दिए गए थे, जो आज तक चालू नहीं हो पाए।
पीजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष अंकुर धगाल का कहना है कि पिछले साल अक्टूबर माह में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए शिक्षा उच्च मंत्री कालीचरण सर्राफ को लॉ कॉलेज चालू कराने के लिए कहा था। उन्होंने इसे चालू करने का आश्वासन दिया था और इसके प्रस्ताव बनाकर भिजवाने को कहा था। प्रस्ताव दो माह पहले भिजवा दिए हैं। अभी तक इसमें कोई प्रगति नजर नहीं आई है। एक बार फिर शिक्षा मंत्री को लॉ कॉलेज को फिर से चालू करवाने के लिए आग्रह किया जाएगा।
एकछोटे कमरे में ही ऑफिस चल रहा है
लॉकॉलेज के नाम पर वर्तमान में पीजी कॉलेज परिसर में एक छोर पर दो बड़े एक छोटे कमरे में मात्र ऑफिस संचालित है। दोनों बड़े कमरों में फर्नीचर रखा हुआ है और एक छोटे कमरे में कार्यालय चलता है।
एकछोड़ सभी पद रिक्त
कहनेको तो लॉ कॉलेज में एक प्रिंसीपल, दो व्याख्याता, एक एलडीसी, एक यूडीसी, एक कार्यालय सहायक का पद है, लेकिन यहां पर वर्तमान में एक यूडीसी ही कार्यरत है। अक्टूबर 2014 से ही ये पद रिक्त पड़े हैं।
2012तक चली थी क्लासें
लॉकॉलेज में प्रवेश तो आखिरी बार वर्ष 2009 में हुए थे। इसके बाद वर्ष 2009-10, से शिक्षा सत्र 2011-12 तक लॉ की क्लासें चली थी। इसके बाद से यहां लॉ के विद्यार्थियों की हलचल बंद हो गई है।
^वर्तमानमें लॉ कॉलेज का कार्यालय ही संचालित हो रहा है। प्रवेश तो वर्ष 2010 से बंद हैं। मुझे भी यहां आए कुछ समय ही हुआ है। -किशनखत्री, यूडीसी लॉ कॉलेज, बूंदी