पानी स्टोरेज की क्षमता तीन गुना होगी, सुधरेगी शहर की जलापूर्ति
बिजली बंद होने के बाद भी आएगा पानी
मांगलीहेड पर पानी स्टोरेज की क्षमता को तीन गुना बढ़ाया जा रहा है। यानि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में और सुधार होगा। चंबल पेयजल परियोजना के तहत मांगली हेड पर बनाया गया 20 लाख लीटर पानी को स्टोर करने की क्षमता वाले स्वच्छ जलाशय का पहले से बने चार-चार लाख लीटर स्टोर करने वाले दो स्वच्छ जलाशय से मिलान किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मिलान के लिए बुधवार को मांगली हेड पर जलदाय विभाग द्वारा शटडाउन लिया गया था। शाम सात बजे विभाग के कर्मचारी पाइप लाइनों के मिलान के काम में जुटे हुए थे। इससे शाम के समय शहर में होने वाली जलापूर्ति प्रभावित रही। चंबल का पानी बूंदी पहुंचाने का काम भी तेज गति से चल रहा था। चंबल पेयजल परियोजना के तहत ही मांगली हेड पर 20 लाख लीटर पानी को स्टोर करने की क्षमता वाला स्वच्छ जलाशय का निर्माण करवाया गया था।
यह मिलेगा उपभोक्ताओं को फायदा: मांगलीहेड पर लगे ट्यूबवैलों का पानी स्वच्छ जलाश्यों में आता है। स्टोर पानी को उच्च क्षमता की मोटरें पाइप लाइनों में पहुंचाती है। फाल्ट के दौरान ट्यूबवैलों के बंद होने पर पुराने स्वच्छ जलाशयों में भरा आठ लाख लीटर पानी ही शहर तक पहुंच पाएगा। अब 20 लाख लीटर पानी को स्टोर करने की क्षमता वाले स्वच्छ जलाशय के बनने के बाद पानी को स्टोर करने की क्षमता 28 लाख लीटर की हो गई है। ऐसे में कुछ घंटे बिजली बंद रहने पर भी शहर की जलापूर्ति व्यवस्था यकायक प्रभावित नहीं होगा।
जलापूर्तिमें होगा सुधार
^चंबलपेयजल परियोजना के तहत नवनिर्मित स्वच्छ जलाशय का मांगली हेड पर पहले से बने हुए दो स्वच्छ जलाश्याें से मिलान किया जा रहा है। इससे पानी के स्टोरेज की क्षमता बढ़ जाएगी। यहां तक की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार भी होगा। जेपीदाधीच, एईएन, जलदाय प्रकोष्ठ, नगर परिषद
बूंदी. मांगली हेड वर्क्स पर स्वच्छ जलाशयों का मिलान करते जलदाय विभाग के कर्मचारी।