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संग्रहालय को सालभर से शुभारंभ का इंतजार, पर्यटकों को निराशा

5 वर्ष पहले
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डेढ़ लाख साल पुराने उपकरण: पर्यटकोंको इस म्यूजियम में पुरा अन्वेषक ओमप्रकाश कुक्की द्वारा खोजे गए अति प्राचीन उपकरण भी देखने को मिलेंगे। कुक्की ने पुरातत्व विभाग को करीब 200 प्रस्तर उपकरण (स्टोन टूल) दिए हैं। ये उपकरण डेढ़ लाख साल से पांच हजार साल पुराने हैं। लंबे समय से यहां पर संग्रहालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। लंबे प्रयास के बाद जैतसागर झील किनारे स्थित सुखमहल में इसका निर्माण शुरू हुआ था, जो पिछले साल ही पूरा हो गया था और अब इसका उदघाटन होना शेष है।

यहांआने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को संग्रहालय में रखी ऐतिहासिक महत्व की चीजें देखने को नहीं मिल रही है। कारण, करीब एक साल से इसको शुभारंभ का इंतजार है। विभागीय अधिकारी भी ज्यादा कुछ कहने से कतरा रहे हैं। हाडौती में सबसे अधिक पर्यटक बूंदी आते हैं और इस पर्यटन नगरी में आकर उन्हें बिना संग्रहालय देखे ही निराश लौटना पड़ता है।

जहां संग्रहालय बना है वहां प्रवेश का शुल्क देने के बावजूद वे संग्रहालय में रखी बेशकीमती वस्तुओं को नहीं देख पाते हैं। सुखमहल में बने संग्रहालय में डिस्पले का कार्य पूरा हुए एक साल से अधिक समय हो गया है। पिछले वर्ष जनवरी में इसे शीघ्र ही पर्यटकों के लिए खोल दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन वो आज तक पूरी नहीं हो पाई है।

जिले में अलग-अलग जगह से मिली पुरा संपदा जिनमें प्रारंभिक, मध्य उत्तर पाषाणकालीन के स्टोन टूल संग्रहालय में रखे हैं। इनमें हेंडएक्स (हाथ की कुल्हाडी), स्क्रेपर, चौपर, कोर, ब्लेड आदि प्रस्तर उपकरण शामिल हैं। ये उपकरण सेंड स्टोन, क्वार्ट जाइक, अगेट, चर्ट और चाल्सीडोनी नामक पत्थरों के हैं।

शीघ्रचालू करना चाहिए

^करीबसवा साल पहले मैने मैरे द्वारा खोजी गई पुरा संपदा संग्रहालय को निशुल्क दी थी। इसका उदघाटन नहीं होने से यह संपदा पर्यटकों को देखने को नहीं मिल पा रही है। इसे शीघ्र चालू किया जाना चाहिए, ताकि इससे पर्यटकों सहित शोधार्थी भी लाभान्वित होंगे। -ओमप्रकाशकुक्की, पुरा अन्वेषक, बूंदी

अब केवल फोकस लाइट का काम बाकी

^संग्रहालयमें डिस्पले का कार्य पिछले साल जनवरी माह में पूरा हो गया था। फोकस लाइट का कार्य होना है। -उमरावसिंह, वृत अधीक्षक पुरातत्व विभाग, कोटा

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