हफ्ते में 2 दिन नहीं चलती बूंदी के लिए लिंक एक्सप्रेस
कोहरेके कारण निरस्त की गई लिंक एक्सप्रेस अभी तक वापस नियमित नहीं हो पाई है। अभी हफ्ते में दो दिन यह निरस्त रहती है। इस कारण यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई यात्री तो जानकारी के अभाव में शहर से चार किलोमीटर दूर रेलवे स्टेशन पहुंचते है और वहां उन्हे ट्रेन के निरस्त होने की जानकारी मिलती है। ऐसे में उन्हें होने वाली परेशानी का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। आलम यह है कि सुबह करीब सात बजे निकलने वाली रतलाम पैसेंजर के बाद चित्तौड़ जाने के लिए रात को ही ट्रेन मिलती है। इससे पर्यटन नगरी चित्तौड़ से पर्यटन नगरी बूंदी आने और जाने वाले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गुरुवार को चित्तौड़गढ़ की ओर जाने वाली और उधर से आने वाली लिंक एक्सप्रेस निरस्त रहने से स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ था। कई यात्री वहां आए और पूछने पर पता चलने से निराश होकर लौट गए। रेलवे स्टेशन पर स्टॉफ सहित रिजर्वेशन कराने वालों की या फिर वहां चल रहे निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की ही चहल-पहल नजर रही थी। यात्रियों का कहना है कि अब कोहरा खत्म हो चुका है ऐसे में इन निरस्त गाडियों को फिर से चलाया जाना चाहिए।
इन दिनों निरस्त रहती है लिंक एक्सप्रेस: कोटासे बूंदी होकर चित्तौड़गढ़ की ओर जाने वाली 29019, लिंक एक्सप्रेस गुरुवार सोमवार को निरस्त रहती है। इसी प्रकार चित्तौड़गढ़ की ओर से बूंदी आकर कोटा जाने वाली गाड़ी संख्या 29020 रविवार गुरुवार को निरस्त रहती है।
आने-जानेके लिए साधन भी नहीं मिलता है: लिंकएक्सप्रेस निरस्त होने से गुरुवार को रेलवे स्टेशन से बूंदी शहर में आने के लिए कोई ऑटो भी नहीं खड़ा नजर आया। रेलवे कर्मियों का कहना है कि ऑटो वालों को इसकी जानकारी होने से वे इधर नहीं आते हैं। ऐसे में रेलवे के कर्मचारियों के परिजनों को अपने साधनों से ही शहर की ओर आना-जाना पड़ता है।
^निरस्त गाड़ियों को चालू करने का निर्णय उच्च स्तर पर होता है। अजययादव, अधीक्षक रेलवे स्टेशन, बूंदी
बूंदी रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा।