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खो-खो संघ की गोल्डन जुबली प्रतियोगिता की मेजबानी बूंदी को

4 वर्ष पहले
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शहरमें जिला खो-खो संघ की ओर से होने वाली गोल्डन जुबली 50वीं राज्य स्तरीय सीनियर पुरुष-महिला खो-खो प्रतियोगिता का पहली बार ऐतिहासिक आयोजन होगा। इस आयोजन का मेजबान बूंदी जिला खो-खो संघ है। प्रतियोगिता के लिए तीन मैदान बनाए गए हैं, इनमें से एक मैदान मेटिंग का बनाया गया है, वहीं मैच दिन के साथ रात्रि को फलडस लाइट्स (दूधिया रोशनी) में भी खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्णायक शामिल होंगे।

जिला खो-खो संघ की 9 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिता को लेकर रविवार शाम तक तैयारियां पूरी हो जाएगी। बूंदी में 15 वर्षों से खो-खो संघ बंद पड़ा था, ऐसे में एक बार फिर खो-खो संघ की शुरुआत इस ऐतिहासिक आयोजन के साथ होने से यहां के खेल प्रेमियों में जुनून दिखाई दे रहा है।

बूंदी की प्रसिद्ध आतिशबाजी के नजारे होंगे आकर्षण

खो-खोसंघ के जिलाध्यक्ष निर्मल मालव ने बताया कि उद्‌घाटन समारोह 9 अक्टूबर को शाम 6 बजे राउमावि खेल मैदान में दूधिया रोशनी में होगा, जहां बूंदी की प्रसिद्ध आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतियोगिता में राजस्थान फेडरेशन संघ के 15 रेफरी आएंगे, जिसमें 4 महिला रेफरी भी शामिल रहेंगी। यहीं नहीं प्रतियोगिता के मैचों की झलकियां डीडी स्पोर्ट्स पर दिखाई जाएगी तथा सेमीफाइनल, फाइनल मैच का लाइवूू प्रसारण होगा। वहीं मैचों के रिप्ले स्क्रीन पर दिखाई जाएंगे।

उद्‌घाटन मैच भारत की ओर से खेल चुके खिलाड़ियों के बीच होगा: सचिवविजयभान सिंह ने बताया कि उद्‌घाटन मैच भारत की तरफ से खेल चुके खिलाड़ियों के बीच खेला जाएगा। यह मैच खो-खो खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। खो-खो का जन्म स्थान बड़ौदा को माना जाता है। यह गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित राजस्थान में काफी दिलचस्पी के साथ खेला जाता है। जानकारी के अनुसार 1914 ई. में पहली बार पूना के डकन जिमखाना ने अनेक मैदान खेलों के नियम लिपिबद्ध किए और उनमें खो-खो भी शामिल था।

बूंदी. शहर में होने वाली खो-खो प्रतियोगिता इस तरह की मैटिंग पर होगी।

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