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धर्म कार्य देखकर खुश होता है धर्मात्मा व्यक्ति
दिगंबरजैन मुनि विश्रांत सागर महाराज ने रविवार को प्रवचन देते हुए कहा कि धर्म के फल को देखकर खुश होना सम्यक दृष्टि का गुण है। धर्मात्मा व्यक्ति धर्म कार्य देखकर खुश होता है। उन्होंने कहा कि बेटा हो या बेटी इनमें भेद नहीं करना चाहिए।
माता-पिता को इनको अच्छे संस्कार देना चाहिए, ताकि पुत्र रतन बन सके और बेटी ससुराल जाकर अपने कुल का नाम रोशन कर सके। संस्कार से ही पुत्र अपने माता-पिता समाज की सेवा करता है।
रामायणपाठ का समापन आज
बूंदी.घोड़ेवाले हनुमान मंदिर में चल रहे दो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का सोमवार को समापन होगा।
मंदिर विकास समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तमलाल पारीक ने बताया कि पौष माह के चलते रामायण पाठ किया जा रहा है।
आयोजन से जुड़े पल्लव नुवाल, गोपाल माहेश्वरी, भैरु लाल सेन, कंवर लाल कहार, नवीन यादव ने पूजा-अर्चना की। यहां पं. सत्यनारायण, पं. दीनबंधु, पं. चेतन, पं. मनोज, पं. हनुमान रामायण पाठ कर रहे हैं।
नैनवां। प्रवचन देते मुनि विश्रांतसागर महाराज।