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आर्यिका माताजी के सानिध्य में शुरू हुआ कल्याण मंदिर महामंडल विधान

4 वर्ष पहले
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आर्यिकाविजयमती माताजी ससंघ के सानिध्य में चौगान जैन मंदिर में 23 दिवसीय पार्श्वनाथ दिव्यार्चना श्रीकल्याण मंदिर महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का आगाज शुक्रवार से हुआ। 13 अगस्त तक प्रतिदिन विधान की क्रियाएं होगी। विधान के पहले दिन 44 अर्ध्यमंडल में चढ़ाए गए। प्रवक्ता गुंजन बाकलीवाल ने बताया कि विधान की शुरुआत महोत्सव संयोजक बिरधीचन्द्र, राजेन्द्र पारस छाबड़ा परिवार द्वारा भगवान की शांतिधारा कर की गई।

इस दौरान आर्केस्ट्रा द्वारा संगीतमय भजनों पर महिला-पुरूषों ने मंडलजी के सामने भाव-विभोर होकर नृत्य किए। ब्रह्मचारिणी अल्पना दीदी ने विधान के श्लोक बोले गए तो वही विधानाचार्य भैया द्वारा मंडल में अर्ध्य चढ़ाए गये। पहले दिन के विधान सम्पन्न होने के बाद मंडल जी के परिक्रमा लगाई गई। इस दौरान समाज के अध्यक्ष ओम बडज़ात्या, राजेन्द्र बाकलीवाल, चांदमल कासलीवाल, भागचन्द्र सोगानी, कैलाश पाटनी, महोत्सव उपसंयोजक प्रमोद गंगवाल, सुमन बाकलीवाल, जिनेश पाटनी, विनोद पाटनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। धर्मसभा में आर्यिका विजयमती माताजी ने कहा कि ज्ञान को आचार्यों ने मध्य दीपक कहा है,क्योंकि जैसे दरवाजे की चौखट पर रखा दीपक अंदर बाहर प्रकाश करता है। उसी तरह सम्यग्ज्ञान भी सम्यक्त्व को निर्मल करता है तथा चारित्र की ओर प्रेरित करता है। जो चारित्र ग्रहण किए हुए हैं उसके चारित्र की वृद्धि करता है तथा चारित्र को निर्दोष पालने करने की शिक्षा प्रदान करता है। माताजी ने कहा कि ज्ञान अभ्यास में ही अपना अमूल्य समय व्यतीत करना चाहिए। क्योंकि ज्ञान से केवलज्ञान प्रकट होता है।

बूंदी. चौगान जैन मंदिर में 23 दिवसीय पार्श्वनाथ दिव्यार्चना श्री कल्याण मंदिर महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का आगाज हुआ।

बूंदी. भजनों पर नृत्य करते समाजबंधु।

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