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गुरु की शरण में जाने से मिलता है ज्ञान: मुनिश्री

7 वर्ष पहले
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इंसान विचारों से बनता है भगवान या शैतान

शहरमें दिगंबर बड़ा जैन मंदिर में प्रवचन देते हुए दिगंबर जैन मुनि विश्रांत सागर महाराज ने कहा कि आज मनुष्य ज्ञान के अभाव में भटक रहा है। ज्ञान के बिना सत्य का ज्ञान नहीं हो सकता है। उपयोग उपयोग में आने वाली वस्तु को ज्ञान के बिना जान नहीं सकता है। जीवन काे सफल बनाने के लिए ज्ञान प्राप्त करना होगा और ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु की शरण में आना ही पड़ेगा।

गुरु के द्वारा दिया गया आशीष सबसे बड़ा सम्मान है। आज भोजन में व्यंजन तो बहुत बनने लग गए, लेकिन भोजन कराने के तरीके का सम्मान घट गया। शादी-विवाह में पहले सम्मानपूर्वक आदर के साथ बैठाकर भोजन कराया गया था। आज इसका स्थान बफर ने ले लिया, जिसमें खड़े-खड़े भोजन किया जाता है।

इंसानको धर्म सभाओं से ही मिलते हैं संस्कार

धर्मके संस्कार बच्चों में मंदिरों धर्म सभाओं से प्राप्त होते है। माता-पिता को अपने बच्चों को अपने साथ मंदिरों धर्म सभाओं में ले जाना चाहिए। ताकि उसकी धर्म के प्रति आस्था संस्कार बडे़। प्रवचन से पूर्व मंगलाचरण ललीसा मारवाड़ा ने किया।

नैनवां। शहर में दिगंबर बड़ा जैन मंदिर में प्रवचन देते मुनि विश्रांतसागर महाराज।